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बचपन की यादें

बचपन की यादें | Memories of Childhood

जब मैं बच्चा था, तब मुझे जिंदगी सबसे मजेदार लगती थी। मुझे अपने बचपन की यादें अभी भी ताजे हैं। उस समय मेरे जीवन में कोई चिंता नहीं थी। मैं अपने माता-पिता के साथ हर कहानी और हर खेल खेलता था।

मेरी पहली याद मेरी छोटी नन्ही सी साइकिल से जुड़ी है। मैंने उस साइकिल को ढेर सारी मुसीबतों के बाद ख़रीदा था। परंतु उस साइकिल को चलाना सीखना मुश्किल था। मैं चलते-फिरते टकराता था। लेकिन जब मैं सीख लिया तो उस साइकिल की सुविधा का लुत्फ़ उठाता था।

दूसरी याद एक छोटे से शहर का छोटा सा मेले से जुड़ा है। उस मेले में रम खाने के खेलों का एक बूथ था। मैंने अपनी सारी जम्मा पैसे उस बूथ में खर्च किया था। मुझे वहाँ रम खरीदने के लिए पैसे की ज़रूरत नहीं थी। मैं सिर्फ खेलने के लिए जा रहा था। मेरा माता-पिता मेरे लिए बहुत सुखद थे।

तीसरी याद मेरे पास्ता पुलाव के खेल से जुड़ी है। जब मैं नौ साल का था तब से ही मैं पास्ता पुलाव का शौक़ीन था। मेरी माँ दल और चावल को हल्का सा उबालकर उसमें पास्ता डाल देती थीं। इससे बनने वाले पास्ता पुलाव का संघर्ष सिर्फ तीन मिनट था, इसलिए वह अपने असाधारण स्वाद के कारण मेरी फेवरेट डिश बन गया था।

चौथी याद एक घूमने जाने के बाद की है। मेरे पापा ने मुझे बचपन में बहुत सारे जगहों पर ले जाया था। वह हमेशा नए नए मेरे सामने सूची लाते थे जो कि आगे घूमने की जानकारी देते थे। उत्तर भारत से नेपाल तक मुझे नयी जगहों पर घूमने का मौका मिला। ये सब यादों को नहीं भूल सकता।

आज मैं बड़ा हो गया हूँ। मेरा जीवन अब बहुत अलग है। मुझे सोचते ही भय और चिंता होती है कि क्या सब कुछ ठीक चल रहा है। परंतु मुझे अपने बचपन के दिनों की यादें खुशी के साथ भर जाती हैं। मुझे लगता है कि उस समय की यादें केवल अमीर नहीं हैं, बल्कि वो मेरे लिए सबसे मूल्यवान हैं।

कागा जी

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