यूनेस्को ने घोषित किया भारत का ‘ये’ संदेश सर्वश्रेष्ठ, क्या आपके फूफाजी ने इसे फॉरवर्ड किया?

प्रणाम पाठकों! स्वागत है आपका व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में, जहां हर वह व्यक्ति गोल्ड मेडलिस्ट है, जिसने बिना पढ़े “Forwarded many times” वाले मैसेज को आगे सरका दिया है। हमारे ‘काक-वाणी’ के इस विशेष खंड में आज हम… Continue Reading →

ट्रम्प चाचा का नया ‘टैरिफ बम’: चीन और भारत पर धमाके की तैयारी!

दुनिया के सबसे बड़े स्वघोषित ‘डीलमकर’ और अमेरिका के स्वयंभू रक्षक डोनाल्ड ट्रम्प के हाथ में एक नया खिलौना लग गया है। सीएनबीसी चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा है कि ट्रम्प को चीन और भारत के खिलाफ एक घातक ‘टैरिफ हथियार’… Continue Reading →

सिनेमा बिगाड़ रहा है समाज को या दिखा रहा है आइना? पृथ्वीराज सुकुमारन ने दिया बेबाक बयान!

बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के दमदार एक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन अपनी बेहतरीन एक्टिंग के साथ-साथ अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने एक ऐसी बात कह दी है, जिसने सिनेमा प्रेमियों और समीक्षकों के बीच… Continue Reading →

न्याय की दीवार और आंसुओं का मोल: अकबर बीरबल की अनोखी कहानी

शहंशाह का दरबार और एक बेबस पिता की पुकार मुगल सल्तनत के शहंशाह अकबर का दरबार अपनी शानो-शौकत के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन उस दिन दरबार में एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी। एक वृद्ध और लाचार पिता, रामलाल,… Continue Reading →

हनुमान चालीसा के गुप्त रहस्य: जानिए क्यों है यह महाशक्तिशाली और चमत्कारी

सनातन धर्म में हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत फलदायी और चमत्कारी माना गया है। महाकवि तुलसीदास जी द्वारा रचित इस चालीस चौपाइयों के संग्रह में अद्भुत शक्तियां समाहित हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हनुमान चालीसा सिर्फ एक भक्तिमय… Continue Reading →

यूनेस्को का नया ऐलान: ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के ग्रेजुएट्स को मिलेगा नोबेल पुरस्कार!

नमस्कार देवियों और सज्जनों! स्वागत है आपका ‘काक-वाणी’ के विशेष खंड ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं ज्ञान का वह महासागर, जिसकी लहरें सुबह-सुबह आपके फोन की घंटी बजाती हैं और ‘गुड मॉर्निंग’ के साथ ‘यह… Continue Reading →

‘द इकोनॉमिस्ट’ की विदेशी खोपड़ी और हमारी ‘क्रोनोलॉजी’ वाली जालसाजी!

ब्रिटेन के गोरे साहबों के मशहूर अखबार ‘द इकोनॉमिस्ट’ को फिर से पेट दर्द उठा है। इस बार उन्हें चिंता सता रही है कि भारत सरकार अपने देश में ‘घुसपैठियों’ को रोकने के चक्कर में अपने ही नागरिकों को कानूनी,… Continue Reading →

फिल्म या हकीकत? पृथ्वीराज सुकुमारन ने उठाया सिनेमा और समाज के ‘अंडे-मुर्गी’ वाले सवाल पर से पर्दा!

बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के दमदार एक्टर-डायरेक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन इन दिनों अपनी बेहतरीन एक्टिंग और बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने एक ऐसी बात कह दी है,… Continue Reading →

उम्मीद की टिक-टिक

वक़्त के थपेड़े और सन्नाटे की चादर रामपुर नाम के एक शांत गाँव में माधव नाम का एक बूढ़ा घड़ीसाज़ रहता था। वह अपनी छोटी सी दुकान में दिनभर घड़ियों की मरम्मत करता था। उसकी दुकान में हर तरफ टिक-टिक… Continue Reading →

श्रीमद्भगवद्गीता का कर्म योग सिद्धान्त: निष्काम कर्म से जीवन बदलने का गुप्त सूत्र

भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी में तनाव, चिंता और असफलता का डर हर व्यक्ति को सताता है। ऐसे में भारतीय दर्शन का प्राचीन ज्ञान हमारा मार्गदर्शन करता है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रतिपादित कर्म योग सिद्धान्त आज के समय में… Continue Reading →