नमस्कार मित्रों! (और विशेष रूप से उन ‘Gen-Z’ दोस्तों को, जो अपनी पांच सेकंड की ‘अटेंशन स्पैन’ के कारण शायद इस लेख का पहला पैरा पढ़कर ही किसी रील पर स्क्रॉल कर जाएंगे)।
हाल ही में हमारी गोदी और गैर-गोदी मीडिया के परम पूज्य चैनल एनडीटीवी ने एक क्रांतिकारी खुलासा किया है। एक गंभीर वीडियो रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे भारत की ‘Gen-Z’ (यानी वह पीढ़ी जिसे वाई-फाई के बिना सांस लेने में तकलीफ होती है) देश की राजनीति बदल रही है। ‘काक-वाणी’ इस ऐतिहासिक बदलाव को देखकर गदगद है। पहले जहाँ राजनीति में लाठियां चलती थीं, अब वहाँ ‘लाइक’ और ‘कमेंट’ की बौछार हो रही है।
रैलियों से रील्स तक: राजनीति का नया ‘एस्थेटिक’
पहले के जमाने में युवा राजनीति का मतलब होता था—विश्वविद्यालयों के चुनाव, पुलिस के आंसू गैस के गोले और चाय की टपरी पर विचारधारा की तीखी बहसें। छी-छी! कितना ‘आउटडेटेड’ और ‘अनएस्थेटिक’ था वह सब। आज की हमारी तेजस्वी ‘Gen-Z’ पीढ़ी ने राजनीति को बेहद ‘कूल’ और ‘एस्थेटिक’ बना दिया है।
अब क्रांति का मतलब ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाना नहीं, बल्कि विरोधी नेता के किसी फंबल (Fumble) वाले वीडियो पर ‘लो-फाई’ (Lo-fi) म्यूजिक लगाकर रील्स बनाना है। देश के मुद्दे अब जीडीपी या बेरोजगारी नहीं हैं; अब मुद्दा यह है कि किस नेता का ‘POV’ (पॉइंट ऑफ व्यू) ट्रेंड कर रहा है। यदि आपका पसंदीदा नेता सोशल मीडिया पर ‘Slay’ नहीं कर रहा, तो भारतीय राजनीतिक दल उसे तुरंत ‘Cancel’ मान लेते हैं।
70 के ‘युवा’ नेता और ‘सिग्मा’ पीआर का मिलन
इस डिजिटल क्रांति का सबसे मनोरंजक असर हमारे देश के बुज़ुर्ग नेताओं पर पड़ा है। बेचारे 70-80 वर्षीय ‘युवा’ नेता, जो अब तक केवल संसद में सोए हुए पाए जाते थे, अब अपनी पीआर टीम के इशारे पर जबरन ‘कूल’ दिखने का नाटक कर रहे हैं।
जिस नेता को कंप्यूटर का ‘क’ नहीं पता था, वह अब पॉडकास्ट पर बैठकर युवाओं को ‘वाइब चेक’ दे रहा है। नेताओं के आईटी सेल अब घोषणापत्र बनाने के बजाय यह रिसर्च कर रहे हैं कि कौन से ‘ट्रेंडिंग ऑडियो’ पर नेताजी का हाथ हिलाने वाला वीडियो फिट बैठेगा। लोकतंत्र की इससे खूबसूरत तस्वीर क्या ही होगी जहाँ नीतियां नहीं, बल्कि ‘सिग्मा मेल’ वाले मीम्स तय करते हैं कि वोट किसे मिलेगा!
तो बधाई हो भारत! अब देश के गंभीर मुद्दों पर माथापच्ची करने की कोई जरूरत नहीं है। जब तक हमारे पास रील्स हैं, हमारा लोकतंत्र सुरक्षित है। काक-वाणी की ओर से इस ‘रिफॉर्म’ को शत-शत नमन!
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