आखिर ये प्यार क्या है?
जब भी हाथों से जब उस्की शादी के रिश्ते की बात होती थी, तब अजय सोचता था कि एक ऐसा दिन जरूर आएगा, जब ये दोनों अकेले होंगे और फिर से एक दूसरे के साथ होंगे।
अधिकतर समय उसने उनके रिश्ते को सम्बन्धों की तरह समझा था, जो माता-पिता ने बनाए होते हैं। एक घटना ने अजय के विचार को बदल दिया। वह घटना उसकी जिंदगी में एक तोड़ लाने वाली घटना बन गई।
अजय का दोस्त विनय उससे प्यार करता था, और उससे अपनी बात की। अजय ने शुरू में विनय के प्यार को अवंतित करने की कोशिश की, लेकिन शायद वह अजय के भीतर एक अलग तरह का प्यार जगाने के लिए उसने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया।
एक दिन, एक घंटे से अधिक हो गए थे, जब अजय विनय से मिलते हुए लाट गया। उससे अपनी बात करना चाहता था, लेकिन उसने उसको नहीं बताया कि वह किसी के साथ लगातार हंसता हुआ रास्ते में खड़ा हो रहा था।
देर रात हो गई थी, जब अजय अपने घर की दौड़ मार रहा था और उसने उसकी तरफ से एक संदेश देखा, उसने उन्हें अंदर आने के लिए बुलाया था। अगले दरवाजे खोलने से आगे, वह उससे नहीं मिल सका।
उस घटना से उसे एक विचार आया- आखिर ये प्यार क्या है? वह इस संदेश को पढ़ता रह गया, जिसमें उसे अनेक सवालों के जवाब मिले।
पहले सवाल- वजह क्या होगी? उसे लगता था कि उसने इस वस्तु को पाने के लिए काफी कुछ किया होगा, लेकिन जब वह उसे हाथ में थामता है तो उसे लगता है कि वह उसे अनोखा और बेशकीमत चीज मिली है।
दूसरा सवाल- इसे रखने के लिए क्या करना पड़ेगा? बिना संघर्ष किए लक्ष्य पाना संभव नहीं है और इसी प्रकार, प्यार के लिए छोड़ने का परिणाम जीतने के लिए लड़ने वाले के लिए अत्यंत समर्थ होता है।
तीसरा सवाल- क्या वह सच में यह सब सकती है? क्या उसे जीवन की उमंग, सफलता और लचीलापन दे सकता है? प्यार एक विशेष शक्ति होती है, जो सभी महत्वपूर्ण विषयों के लिए एकता का आधार होती है।
और अखरी सवाल- क्या यह सब उसे पाने के लिए वाकई लायक था? उसे इस विचार का सामना करना पड़ा कि उसने जो पाया है, वह ज्यादातर लोगों के लिए नहीं होगा।
उस रात से पहले, उसके लिए, प्यार एक संघर्ष का महसूस करने वाला कुछ था, परन्तु उस रात से उसे यह समझने में कोई दिक्कत नहीं होती थी कि वह इस दुनिया में उसे मतलब से बिना किसी बदलाव के प्यार करता है।
उसने उस लम्हे में एक फैसला लिया- वह उससे प्यार करता है। यह उसके लिए एक विषय नहीं था जिसे सोचा जा सकता है, बल्कि एक ऐसा बिंदु था जिस पर उस भविष्य का निर्णय निर्भर करता था।
अजय जानता था कि उसने एक अहम फैसला लिया है, लेकिन वह उसे पाने की राह में वो उपयोग कर सकता है, जो उसे सफलता तक पहुँचा सकता था। उसने अपनी कल्पनाओं को बेबुनियाद समझाने की कोशिश नहीं की, बल्कि उसने अपनी आँखों को खोल रखा और एक नई प्यार की शुरुआत की।
उसके जीवन में बहुत जल्द ही न्यूनतम झुकाव आया और वह उसकी जिंदगी का समूह बन गया। दोनों उस वक्त बेहद खुश हुए थे, लेकिन उदास वक्त में भी वे एक दूसरे के साथ खड़े बने रहे।
वे समय के साथ बढ़ते गए हैं, भावात्मक जानकारी बढ़ाते गए हैं और बहुत जल्द उन्होंने अपनी शादी के रिश्ते को मुख्य समूह में बदल दिया।
उन दिनों से, अजय को पता चला कि उसे उसकी जिंदगी के लिए जो समझ आता है, वह उसकी जिंदगी के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। एक साथ जितना सामंजस्य उसे दूसरे लोगों से हुआ, उतना ही ज्यादा उससे उस व्यक्ति से हुआ।
लेकिन एक बात सच है- उसे यह परिणाम से चिंता नहीं थी। वह उस दिन तक खुश था जब तक कि वह उसके साथ चलता रहा।