नमस्कार दोस्तों! ‘काक-वाणी’ के ‘WhatsApp University’ विशेष बुलेटिन में आपका स्वागत है। हमारे इस प्रतिष्ठित डिजिटल विश्वविद्यालय के चांसलर, डीन और चपरासी—यानी आपके वे दूर के फूफाजी और मौसाजी, जो सुबह 5 बजे ‘गुड मॉर्निंग’ की चमचमाती जीआईएफ (GIF) के साथ ‘परम ज्ञान की गंगा’ बहाना शुरू करते हैं—उन्होंने हाल ही में एक नया क्रांतिकारी शोध किया है।
यूनेस्को का भारत को नया ‘सर्वश्रेष्ठ’ पुरस्कार!
हालिया वायरल दावे के अनुसार, यूनेस्को (UNESCO) ने भारत के राष्ट्रगान, तिरंगे, और अब तो हमारे पड़ोस वाले शर्मा जी के आज्ञाकारी सुपुत्र चिंटू को भी “विश्व का सर्वश्रेष्ठ” घोषित कर दिया है। यूनेस्को के पेरिस वाले अधिकारियों को शायद खुद भी नहीं पता कि वे कब और कैसे हमारे व्हाट्सएप ग्रुप्स के लिए ये सुनहरे सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। सच तो यह है कि यूनेस्को के पास इस समय शायद केवल यही एक काम बचा है—व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स को पढ़कर हैरान होना। अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आए, तो समझ लें कि यूनेस्को नहीं, बल्कि आपके किसी अति-उत्साही और खाली बैठे मित्र ने यह ‘वर्ल्ड बेस्ट अवार्ड’ खुद ही डिजाइन कर डाला है।
नींबू, लौंग और अमरत्व की गारंटी
दूसरा बड़ा दावा, जो इन दिनों ग्रुप्स में तैर रहा है, वह है आधुनिक चिकित्सा विज्ञान को घुटनों पर लाने वाला घरेलू नुस्खा। दावा किया जा रहा है कि नाक में नींबू के रस की दो बूंदें डालने या जेब में लौंग-कपूर रखने से न सिर्फ फेफड़े फौलादी हो जाएंगे, बल्कि यमराज भी रास्ता बदल लेंगे। हमारे व्हाट्सएप के स्वघोषित वैज्ञानिकों ने डॉक्टरों की सालों की पढ़ाई को अंगूठा दिखाते हुए घोषणा कर दी है कि जो भी इस मैसेज को 11 लोगों को भेजेगा, उसे कभी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस चक्कर में कई लोगों ने तो अस्पतालों के बजाय सीधे सब्जी मंडी के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं।
‘फॉरवर्डेड एज़ रिसीव्ड’ की कड़वी सच्चाई
इस अद्भुत विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा और एकमात्र नियम है—बिना सोचे, बिना समझे, बस ‘फॉरवर्ड’ का बटन दबाओ और समाज सुधारक होने का पुण्य कमाओ। लोग अल्बर्ट आइंस्टीन की तस्वीर के आगे कबीरदास जी के दोहे चिपका कर शेयर कर रहे हैं, और बेचारे आइंस्टीन ऊपर स्वर्ग में बैठकर अपनी बुद्धि पर पछता रहे हैं। इस WhatsApp Viral Fact Check का कड़वा और सीधा संदेश यही है: अगली बार जब आपके पास कोई ‘चमत्कारी’ या ‘सनसनीखेज’ दावा पहुंचे, तो अपनी उंगलियों को थोड़ा आराम दें। हर व्हाट्सएप फॉरवर्ड सच नहीं होता। अपने दिमाग का इस्तेमाल करें, नहीं तो यह डिजिटल यूनिवर्सिटी आपको बिना किसी परीक्षा के ही ‘मूर्खराज’ की मानद उपाधि सौंप देगी!