WhatsApp यूनिवर्सिटी के ज्ञानवीर: जब यूनेस्को ने घोषित किया भारत का राष्ट्रगान सर्वश्रेष्ठ

अभिवादन स्वीकार कीजिए ‘काक-वाणी’ के उस विशेष विभाग से, जहां ज्ञान बिना किसी रिफाइंड फिल्टर के सीधे आपके मस्तिष्क में प्रवेश करता है—यानी हमारी अपनी ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’। हमारे इस पावन संस्थान के कुलपति, डीन और विभागाध्यक्ष हमारे प्रिय फूफाजी, मौसाजी और मोहल्ले के वो रिटायर्ड अंकल हैं, जो सुबह 5 बजे ‘सुप्रभात’ के चमकीले फूलों वाले संदेश के साथ देश की तकदीर बदलने का हुनर रखते हैं। आइए, आज इस यूनिवर्सिटी के कुछ ऐसे ‘शाश्वत सत्यों’ का फैक्ट-चेक करते हैं, जो विज्ञान और तर्क की छाती पर मूंग दलते आ रहे हैं।

यूनेस्को का ‘सदाबहार’ सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का सबसे लोकप्रिय और एवरग्रीन कोर्स है—”यूनेस्को द्वारा भारत को सर्वश्रेष्ठ घोषित करवाना”। हर तीन महीने में यूनेस्को के पास शायद कोई काम नहीं होता, तो वे हमारे राष्ट्रगान को ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ घोषित कर देते हैं। हमारे फूफाजी इस खबर को पाते ही गर्व से चौड़े हो जाते हैं और बिना यह सोचे कि यूनेस्को के पास ऐसी कोई अवॉर्ड बांटने वाली विंग है भी या नहीं, ग्रुप में इसे तड़ातड़ फॉरवर्ड कर देते हैं। सच्चाई यह है कि यूनेस्को को खुद नहीं पता कि उसने सुबह-सुबह व्हाट्सएप पर भारत को कौन सा नया मेडल दे दिया है!

नासा की दिवाली वाली ‘चमकीली’ सैटेलाइट इमेज

दिवाली का त्योहार आए और अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की वो जगमगाती भारत की तस्वीर व्हाट्सएप पर न तैरे, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। इस तस्वीर में हमारा देश इतना चमकता है मानो पूरी दुनिया की बिजली सिर्फ हमारे घरों में ही जल रही हो। हमारे व्हाट्सएप के वैज्ञानिकों को नासा के कैमरों पर अटूट विश्वास है। लेकिन कड़वा सच यह है कि वह इमेज दरअसल कई वर्षों के डेटा को मिलाकर बनाई गई एक ‘ग्रैफिक्स इमेज’ है, न कि दिवाली की रात की लाइव फोटो। मगर साहब, सच से सुंदर तो अफवाहें होती हैं!

लहसुन से हर मर्ज का इलाज और मुफ्त रिचार्ज के झांसे

इस यूनिवर्सिटी की मेडिकल विंग तो इतनी उन्नत है कि एम्स और हार्वर्ड के डॉक्टर भी इस्तीफा दे दें। “सुबह खाली पेट लहसुन चबाने से कैंसर गायब” और “नींबू पानी पीने से कोरोना का वायरस फेफड़ों से भाग खड़ा होगा” जैसे अचूक नुस्खे यहां मुफ्त बांटे जाते हैं। और हां, जिओ (Jio) के तीन महीने के मुफ्त रिचार्ज वाले लिंक पर क्लिक करके जिन्होंने आज तक अपना डेटा चोरी नहीं करवाया, उन्होंने भला व्हाट्सएप का असली स्वाद ही कहां चखा है?

निष्कर्ष: फॉरवर्ड करने से पहले अंगूठे को लगाम दें

प्रिय पाठकों, यदि आपके पास भी ऐसा कोई संदेश आए जिसमें लिखा हो कि “इसे 11 लोगों को भेजें, शाम तक शुभ समाचार मिलेगा”, तो कृपया अपने अंगूठे को थोड़ा आराम दें। शुभ समाचार यही होगा कि आपका फोन और आपके रिश्तेदारों का दिमाग, दोनों हैंग होने से बच जाएंगे। ‘काक-वाणी’ का यही संदेश है—सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और अपनी बुद्धि को व्हाट्सएप के हवाले न करें।

कागा जी