WhatsApp University के नए शोध: यूनेस्को ने घोषित किया दुनिया का सबसे ‘सच्चा’ झूठ!

सुबह-सुबह जब सूरज की किरणें आपके घर की खिड़की से पहले आपके मोबाइल की स्क्रीन पर पड़ती हैं, तो पहला दर्शन होता है—एक चमकता हुआ लाल गुलाब और उसके नीचे लिखा संदेश, “इसे 11 लोगों को भेजें, शाम तक बड़ी खुशखबरी मिलेगी।” जी हां, आपका स्वागत है ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ की उस ज्ञान गंगा में, जहां न्यूटन और आइंस्टीन रोज अपनी कब्र में करवट बदलते हैं। हमारी ‘काक-वाणी’ डेस्क ने जब इस विश्वविद्यालय के डिजिटल गलियारों में झांककर देखा, तो पता चला कि यहां फैलाया जाने वाला ‘सच्चा झूठ’ किसी भी साइंस-फिक्शन फिल्म से ज्यादा रोमांचक है।

यूनेस्को का काम सिर्फ भारत को अवॉर्ड बांटना है?

व्हाट्सएप पर फैलने वाले संदेशों में सबसे लोकप्रिय संस्था ‘यूनेस्को’ (UNESCO) है। इस वायरल सच की पड़ताल में पता चलता है कि यूनेस्को के पेरिस मुख्यालय में शायद एक विशेष टीम सिर्फ भारतीय व्हाट्सएप ग्रुप्स की निगरानी के लिए बैठी है। कभी हमारे राष्ट्रगान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ घोषित कर दिया जाता है, तो कभी हमारे नए नोटों में लगे ‘जीपीएस माइक्रोचिप’ को अंतरिक्ष से सीधे ट्रैक करने का दावा किया जाता है। इस WhatsApp Viral Fact Check का कड़वा सच यह है कि यूनेस्को को खुद नहीं पता होता कि उसने कब और किसे ये अनोखे अवॉर्ड दे दिए!

रसोई के मसालों से कैंसर का पांच सेकंड में इलाज

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने सालों की रिसर्च और अरबों डॉलर खर्च करके जो दवाइयां बनाई हैं, उन्हें हमारे व्हाट्सएप ग्रुप के ‘ज्ञानी फूफा जी’ सिर्फ एक चुटकी हल्दी और गर्म पानी से रिप्लेस कर देते हैं। “बिना ऑपरेशन पथरी गायब करने” से लेकर “इलायची सूंघकर ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने” तक के नुस्खे यहां सेकंडों में पेटेंट करा लिए जाते हैं। इन चमत्कारी नुस्खों का सच सिर्फ इतना है कि इनसे आपकी चाय तो स्वादिष्ट बन सकती है, लेकिन गंभीर बीमारियों का इलाज केवल डॉक्टर के पास ही संभव है।

व्हाट्सएप का परम सत्य: ‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’

इस पूरी डिजिटल माया नगरी में यदि कुछ शत-प्रतिशत सच है, तो वह है मैसेज के ऊपर लिखा छोटा सा टैग: ‘Forwarded many times’। इसका सीधा सा अर्थ है कि भेजने वाले ने अपना दिमाग बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया है, केवल अपनी उंगलियों का व्यायाम किया है। अगली बार जब आपके पास “नासा ने सूरज से ‘ॐ’ की आवाज सुनी” वाला मैसेज आए, तो समझ जाएं कि नासा वाले अभी भी अंतरिक्ष में टेलीस्कोप ठीक कर रहे हैं, और आपके प्रिय रिश्तेदार ने घर बैठे ही ब्रह्मांड का रहस्य खोज निकाला है। सावधान रहें, स्वस्थ रहें और फॉरवर्ड बटन दबाने से पहले थोड़ा रुकें!

कागा जी