अनुपम उत्साह
परिवार में सेवा करना जीवन का सबसे बड़ा उत्साह होता है। अनुपम भी इसी तरह सेवा और उत्साह से भरा था। वह सभी परिवार सदस्यों की देखभाल करता था।
उसका दिन शुरू होता था हमेशा जल्दी से। वह पहले से ही जाग जाता था, खिड़खिड़ाते हुए सब्जी का सामान घर लाता था और मेहमानों के लिए भोजन बनाना शुरू कर देता था।
सभी लोगों को खाना बढ़िया लगता था। अनुपम का दिन अब तक हमेशा धुंदला होता था, एक साधारण समान्य जीवन जी रहा था।
फिर एक दिन, एक समूह लोग एक संगोष्ठी में आया था। वे अपनी सहायता के लिए नामांकन करने आए थे। अनुपम के भाई ने उन्हें काफी प्रौढ़पन से संबोधित किया था, लेकिन अनुपम को इस सेवा व उत्साह से भरी संगोष्ठी की ओर की ओर केवल एक नजर से देखा ही जा सकता था।
उस दिन से अनुपम के मन में अलग से उत्साह पैदा होता गया। वह उन सभी लोगों की मदद करना चाहता था। अनुपम ने इस संगोष्ठी से बात को विस्तार किया था और उसी दिन से वह समूह लोगों के साथ सेवा के लिए जुड़ गया।
यह साधारण सेवा अनुपम के लिए जीवन बदल देने वाली घटना साबित हुई। उसे जोड़ा गया और उसमें एक नया उत्साह से भर दिया गया।
अब अनुपम उत्साह से भरा था। वह रोजाना अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के लिए जुट जाता था। उसे सभी लोगों की मदद की जरूरत समझ में आती थी। उसने खुद के लिए वक़्त नहीं रखा, खुशियों व दुआओं में खुद का सुख खोजते रहा।
अनुपम के समाज सेवावादी कर्म और उत्साह को देखकर, उसके जीवन में सभी लोगों ने उसे बधाई दी और उसे प्रशंसा की। वह जीवन की महंगाई के बावजूद अपने जीवन में उम्मीदों से भरा होना सीख गया था।
अनुपम के दिन में अब ज्यादा से ज्यादा दिन थे क्योंकि वह शान्ति और करुणा से भरा था। उसने समाज सेवा का जीवन अपनी सेवा में समर्पित कर दिया था।
अनुपम को शुरू से बदल दिया गया था और उसे सही संदेश मिला था कि संघर्षों से संघर्ष करने के बजाय, सॉफ्ट हैंडल पढाना बेहतर होता है और सभी के लिए उत्साह का नाम अतुलनीय होता है।
अनुपम का उत्साह उसे न केवल खुश रखता है बल्कि यह उसके परिवार और समाज के लिए बड़ी मात्रा में दान करता है। अपनी भावनाओं को सामाजिक आधार पर उन्नति देना एक ऊंचा समाज सेवा वृत्त को जारी रखने का एक उत्साह था।