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चांद की मुस्कान एक छोटा सा गांव था जहां सभी

Title: चांद की मुस्कान

एक छोटा सा गांव था जहां सभी लोगों के एक गुण था, वह गुण था उनकी सहायता करना। सभी लोगों के बीच में बहुत गहरी दोस्ती थी और वे सभी मिल कर काम करते थे। उनमें से एक महिला दीपा थी। वह बहुत ही समझदार थी और इसलिए उसे गांव का पटवारी काम देने का फैसला किया गया।

एक रात, जब सभी लोग सो रहे थे, दीपा आसमान को देख रही थी। उसे लगा कि आज चांद की मुस्कान थोड़ी कम दिखने लगी है। उसे लगा कि इसमें कुछ गलती होने वाली है।

दीपा का मन चल पड़ा कि उसे इस मुश्किल से निकलना होगा और उसने सोचा कि इसे सुलझाने के लिए वह सबको जोड़कर इस समस्या का समाधान निकाल सकती है। उसने सोचा कि अगली सुबह सभी लोगों को एकत्रित कीजिए और समस्या का समाधान ढूंढा जाए।

अगली सुबह, दीपा ने सभी लोगों को एकत्रित किया। उनमें से कुछ लोग चांद को देखते हुए कह रहे थे कि उसमें कोई गलती नहीं है और कुछ लोग मान रहे थे कि कुछ नहीं दिख रहा है।

दीपा कड़ी मेहनत कर रही थी कि वह समस्या का समाधान ढूंढे। उसने लोगों से पूछा कि अगर उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा है तो क्या वह आसमान में अधिक से अधिक चांदों की तस्वीर बना सकते हैं। लोगों को यह तो अच्छी लगी लेकिन वे इसे कैसे करेंगे यह उन्हें समझ में नहीं आ रहा था।

फिर दीपा ने खुशी से चिल्लाते हुए कहा कि इसके लिए एक तरीका है। उसने लोगों को बताया कि वे एक पतली तार को सभी उपकरणों के साथ जोड़ सकते हैं और उसे आवश्यक स्थानों पर खींच सकते हैं।

लोगों को उसने बताया कि जब वे बहुत अधिक से अधिक तार खींचेंगे, उन्हें एक सिकुड़म्बर बना लेना चाहिए। फिर एक चक्री लगाकर वे उस सिकुड़म्बर को आराम से फैला सकते हैं। इस तरीके से चांद की तस्वीर बनाई जा सकती है।

लोगों को यह तरीका समझ आ गया था और वे दीपा को धन्यवाद देते हुए उसे गांव का सबसे समझदार व्यक्ति मानते थे।

आखिरकार, सभी लोगों ने मिलकर तार से सिकुड़म्बर बनाया और बहुत अधिक से अधिक तारों को उनसे जोड़ने के बाद वे उसे चक्री पर लगाकर फैला दिया। उस दिन, चांद की मुस्कान बहुत ज्यादा चमकने लगी जैसे कि उसमें कुछ हो गया हो।

सबके चेहरे पर खुशी का एक नया आभास दिखने लगा जैसे कि वे सबके साथ सहयोग और एकता में और मजबूत हो गए हो। दीपा ने सबसे कहा कि बिना सहयोग के कुछ भी संभव नहीं है इसलिए हमेशा आपस में मसवीर रखें और सभी परिस्थितियों का सामना करें।

इसके बाद से, सभी लोगों के बिच में और एकता और सहयोग का आभास दिखने लगा था।

कागा जी

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