Title: चाकू का सच
एक झोपड़ी में रहने वाली नन्हीं सी बच्ची अभी से बहुत बुद्धिमान थी। उसके दिमाग में कई सवाल थे जिनके जवाब उसे ढूंढने की चाह हमेशा रहती थी। उसे एक दिन चाकू का एहसास हुआ। उसे लगता था कि चाकू सबसे गंभीर समस्या है। उसने दूसरों से पूछा भी कि क्यों लोग चाकू काटते हैं? लेकिन कोई उसके सवालों का जवाब नहीं देता था।
एक दिन नानी ने उससे पूछा कि क्या बेटी, तुम्हारे पास चाकू है। नन्हीं सी बच्ची का मन था कि वह चाकू कभी नहीं चलाना चाहती थी लेकिन उसने नानी को सच बता दिया कि नहीं नानी जी, मेरे पास चाकू नहीं है।
फिर नानी ने उससे पूछा कि क्या तुम्हें ये पता है कि काटा हुआ चाकू क्यों खतरनाक होता है। बच्ची ने अपने दांतों से खतरनाक हालत बताई जिसे चाकू से होने वाले चोट से होता है।
बच्ची के शब्द सोच कर नानी ने उसको बताया कि चाकू को विशेष ढंग से संरक्षित रखना जरूरी होता है। चाकू की धातु बहुत मजबूत होती है जो आसानी से चमक से नहीं गलती है, उसे धोबी के पास जाकर ही साफ होगा।
इसे सुनकर बच्ची ने अपनी गुमसुम सोच से संबोधित करते हुए अकेले बैठकर चाकू और इससे जुड़ी हर जानकारी ढूंढ़ा। उसने इसे बहुत अच्छी तरह संजोया और यह मैसेज पहुंचाने के लिए दुनिया भर के लोगों से मिल कर काम किया।
अब बच्ची का सोचने का अंदाजा बदल गया था। उसे उस आवेदन का महत्त्व और उसमें अपने आप को संयोजित करने का अंदाजा लग चुका था।
एक दिन वह अपने स्कूल के लिए कुछ खरीददारी करने गई थी। वह रसोई की चाकू की खोज कर रही थी क्योंकि खरीदारी लिस्ट पर चाकू का नाम था। उसने दुकानदार से मिलते हुए चाकू पर एक सेफटी लॉक देखा जिसे की मालिक ने बताया कि यह चाकू कैसे सुरक्षित रखता है।
नन्हीं सी बच्ची का मन हुआ कि वह भी अपनी चाकू को इसी तरह सुरक्षित रखना चाहती थी। उसे उस सेफटी लॉक के बारे में जानकारी मिली जो उसने सीखी और इसे अपनी चाकू पर लगाया।
बच्ची के किये इस काम ने लोगों को इस बारे में सोचने के लिए मजबूर कर दिया। यह सब सिंपल एक्शन्स उस बच्ची के करने से शुरु हुआ था जो भीड़ से अलग होकर अपने ऋणग्रहण में आ गई थी।
इस से कुछ देर बाद, नानी ने सोचा कि उसे अपने पौत्र के एकदम शुरुआत से पूछना चाहिए। उसने बच्ची से पूछा कि क्या उसकी सोच को लेकर अभी भी उस के दिमाग में कोई सवाल शेष था।
उसने अपने नानी को बताया कि उसे लगता है कि कुछ अधिक रिसर्च कर लेने से चाकू पर इस्तेमाल किये जाने वाले सुरक्षा उपकरणों का लाभ मिल सकता है।
नानी इस उत्तर से बहुत खुश हुई थी जिसने उसे यह सिखाया कि शुरुआत एक छोटे सवाल से होती है और जीतना बच्चों को सफल बनाता है इसमें सकारात्मक सोच शामिल होती है।
बच्ची के इस काम ने मानवता को एक सीख दी है कि छोटे से काम में भी बड़ी सफलता मिलती है जैसे कि अपनी सुरक्षित रखी चाकू की वजह से।
इस उदाहरण से हम सीख सकते हैं कि बहुत से शर्तों के बावजूद भी नन्हीं सी बच्ची ने सफलता का सामना किया। वह अपनी सोच से खुश थी और अब कुछ करने के लिए और दम भी हो गया था।
इसी सोच से वह आगे बढ़े और एक सफलता के बाद दूसरी सफलता प्राप्त करने लगी। उसने खुद को एक बेहतरीन सोचने वाली बेटी माना जिसने जीवन के उद्देश्य और विशेष लक्ष्य की तलाश में कभी संघर्ष नहीं किया।
कुछ होते हुए उसकी सोच हमेशा ही वह सच रही थी जो न तो हमें समझ आती थी और न ही हमें उस समय सराही गई। लेकिन फिर भी उसने अपनी देखलेख में मुझे एक सहायक बनाया जो उसके साथ सदैव हाथ मिलाते रहे हैं।