न्यूयॉर्क टाइम्स को अब जाकर यह समझ में आया है कि एक मामूली मजाक से भी राजनीतिक आंदोलन शुरू किया जा सकता है। सचमुच, पश्चिमी मीडिया की बुद्धि कितनी धीमी चलती है! हमारे महान लोकतंत्र में तो कई बार पूरा का पूरा शासन ही एक शानदार ‘मजाक’ पर चलता है। हमारे यहां इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी नेता ने मंच से कोई अजीबोगरीब बात कही या किसी विरोधी ने किसी का मजाक उड़ाया, उसे तुरंत एक नए राष्ट्रीय आंदोलन की तरह लॉन्च कर दिया गया।
आंसू पोंछने की जगह, मजाक को ‘ब्रैंड’ बनाना
हमारे देश के भारतीय राजनीतिक दल इस कला में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अगर कोई विरोधी किसी नेता को गलती से ‘चायवाला’ कहकर चिढ़ा दे, तो अगले ही दिन पूरी पार्टी केतली और कप-प्लेट लेकर सड़क पर उतर आती है और उसे ‘चाय पे चर्चा’ जैसे ऐतिहासिक आंदोलन में बदल देती है। कोई किसी को ‘चौकीदार’ कहकर ताना मारे, तो देश के करोड़ों लोग रातभर में अपने ट्विटर हैंडल के आगे ‘चौकीदार’ शब्द जोड़ लेते हैं। न्यू यॉर्क टाइम्स वालों, हमारे नेताओं के इस ‘रिएक्शन’ वाले हुनर के सामने तुम्हारी सारी खोजी पत्रकारिता पानी भरती नजर आती है!
आईटी सेल का ‘परम ज्ञान’ और जोक की शक्ति
आजकल आंदोलनों की शुरुआत किसी गंभीर वैचारिक क्रांति या जमीन पर पसीना बहाने से नहीं होती। इसके लिए बस किसी आईटी सेल के ‘क्रिएटिव’ दिमाग में उपजे एक मीम (Meme) की जरूरत होती है। जब तक आम जनता को यह समझ आता है कि असली मुद्दा महंगाई, शिक्षा या बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का था, तब तक नेताजी किसी मजाक वाले बयान को ढाल बनाकर खुद को ‘शहीद’ घोषित कर चुके होते हैं। मजाक से आंदोलन खड़ा करना सबसे सस्ता और टिकाऊ सौदा है, क्योंकि इसके लिए न तो किसी विजन की जरूरत होती है और न ही किसी ठोस नीति की। बस एक चुटीला बयान दीजिए, थोड़ा सा आहत होने का नाटक कीजिए, और आपका नया राजनीतिक आंदोलन तैयार है!
आखिरकार, इस पावन धरा पर राजनीति और प्रहसन (कॉमेडी) के बीच का अंतर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अब तो यह पहचानना भी मुश्किल हो जाता है कि कौन संसद में कॉमेडी कर रहा है और कौन कॉमेडी शो के मंच से देश की नीतियां तय कर रहा है। इसलिए, ‘काक-वाणी’ का अंतिम सुझाव यही है कि चुनाव आयोग को अब उम्मीदवारों से उनकी संपत्ति के ब्योरे के साथ-साथ उनके सर्वश्रेष्ठ तीन चुटकुलों की सूची भी मांगनी चाहिए। आखिर जो जोक आज जनता को हंसा रहा है, वही तो कल का राष्ट्रीय एजेंडा बनने वाला है!
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