नाना पाटेकर के निधन से थमी बॉलीवुड की सांसें, अक्षय कुमार और फडणवीस ने कहा- ‘एक युग का अंत!’

बॉलीवुड के सबसे बेबाक, दमदार और अपनी कड़क आवाज से थियेटर से लेकर स्क्रीन तक आग लगा देने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जैसे ही यह दुखद समाचार सामने आया, मानो पूरी फिल्म इंडस्ट्री की धड़कनें अचानक रुक गईं। अपनी अनूठी संवाद अदायगी और सादगी भरे जीवन के लिए मशहूर नाना के जाने से भारतीय सिनेमा में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है, जिसे शायद ही कभी भरा जा सकेगा। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर तरफ बस एक ही गूंज सुनाई दे रही है – “सिनेमा के एक महान युग का अंत हो गया।”

अक्षय कुमार ने खोया अपना ‘मार्गदर्शक’, बयां किया अपना दर्द

नाना पाटेकर के निधन पर बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट साझा किया है। अक्षय ने नाना के साथ बिताए पुराने सुनहरे दिनों को याद करते हुए लिखा, “नाना जी सिर्फ एक बेहतरीन सह-कलाकार नहीं थे, बल्कि वे मेरे लिए एक मार्गदर्शक की तरह थे। उनके साथ स्क्रीन शेयर करना किसी पाठशाला में बैठने जैसा था, जहां हर सेकंड सीखने को मिलता था। फिल्म ‘वेलकम’ में उनका ‘उदय भाई’ का किरदार हमेशा हमारे चेहरों पर मुस्कान बिखेरता रहेगा। आज सिनेमा का एक सबसे चमकीला सितारा बुझ गया है। मेरे पास अपने दुख को बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। ॐ शांति!”

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नाना पाटेकर को याद करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। फडणवीस ने कहा, “नाना पाटेकर केवल पर्दे के नायक नहीं थे, बल्कि असल जिंदगी में भी उन्होंने लाखों लोगों के दिलों पर राज किया। ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से महाराष्ट्र के सूखे से प्रभावित किसानों के कल्याण के लिए जो ऐतिहासिक कार्य उन्होंने किए, उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। कला और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान अमर रहेगा। महाराष्ट्र ने आज अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।”

‘काक-वाणी’ की विशेष श्रद्धांजलि: अलविदा ‘क्रांतिवीर’!

नाना पाटेकर का अभिनय अपने आप में एक अलग मिसाल था। चाहे ‘परिंदा’ का खूंखार विलेन हो, ‘क्रांतिवीर’ का बेबाक क्रांतिकारी, या फिर ‘वेलकम’ का कॉमिक डॉन—नाना ने जिस भी किरदार को छुआ, उसे हमेशा के लिए जीवंत बना दिया। “अच्छा है, बहुत अच्छा है…” और “एक मच्छर साला आदमी को…” जैसे उनके आइकॉनिक डायलॉग्स आज भी हर पीढ़ी के दर्शकों की जुबान पर चढ़े हुए हैं। ‘काक-वाणी’ इस महान और जमीन से जुड़े कलाकार को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती है। अलविदा नाना, आपकी जगह कोई नहीं ले पाएगा!


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कागा जी