लो जी, आ गई मनोरंजन की दुनिया से एक ऐसी खबर, जिसने मायानगरी के गलियारों में तगड़ी सनसनी मचा दी है! अगर आप खुद को ‘बॉलीवुड’ का जबरा फैन कहते हैं, तो अपनी कुर्सी की पेटी बांध लीजिए। डेक्कन क्रॉनिकल की एक हालिया रिपोर्ट ने साफ इशारा कर दिया है कि अब इस चमचमाती इंडस्ट्री से ‘बॉलीवुड’ शब्द का बोरिया-बिस्तर गोल होने वाला है। जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना—नो मोर ‘बॉलीवुड’!
‘बॉलीवुड’ नाम से इतनी चिढ़ क्यों भाई?
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर बरसों पुराने इस नाम से अचानक क्या दुश्मनी हो गई? दरअसल, ‘बॉलीवुड’ शब्द हमेशा से हॉलीवुड की एक सस्ती नकल जैसा महसूस कराता आया है। कई दिग्गज कलाकार, जैसे महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान तक, इस नाम पर आपत्ति जता चुके हैं। उनका मानना है कि हमारी इंडस्ट्री की अपनी एक स्वतंत्र और गौरवशाली पहचान है, तो हम किसी विदेशी नाम की बैसाखी क्यों थामें? डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस ‘कॉपी-पेस्ट’ वाले ठप्पे को हमेशा के लिए हटाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो अब बड़े-बड़े प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स अपनी फिल्मों के प्रमोशन और क्रेडिट्स में ‘बॉलीवुड’ की जगह गर्व से ‘भारतीय सिनेमा’ लिखने की वकालत कर रहे हैं। आखिरकार, हमारी फिल्में अब ऑस्कर के मंच पर ‘नाटू-नाटू’ कर रही हैं, तो हमारा नाम भी तो अपना और दमदार होना चाहिए ना!
साउथ का जलवा और ‘Indian Cinema’ का उदय
इस बड़े बदलाव के पीछे एक और मुख्य वजह है—साउथ फिल्म इंडस्ट्री का ग्लोबल धमाका! ‘बाहुबली’, ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ’ और ‘पुष्पा’ जैसी फिल्मों ने यह साबित कर दिया है कि सिनेमा सिर्फ हिंदी भाषी बेल्ट तक सीमित नहीं है। आज जब विदेशी दर्शक हमारे काम की तारीफ कर रहे हैं, तो वे इसे सिर्फ ‘बॉलीवुड’ के चश्मे से नहीं देख रहे। अब वक्त आ गया है कि इस पूरी इंडस्ट्री को एक छत के नीचे लाया जाए और इसे Indian Cinema (भारतीय सिनेमा) का एक मजबूत नाम दिया जाए। वैसे भी, विविधता में एकता ही तो हमारी असली पहचान है!
तो क्या अब हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा यह शब्द?
बदलाव प्रकृति का नियम है, और हमारी मायानगरी भी इस बड़े बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही है। हालांकि, दशकों से हमारी जुबान पर चढ़े ‘बॉलीवुड’ शब्द को विदा करना इतना आसान नहीं होगा। सोशल मीडिया पर भी इस खबर के बाद से फैंस दो गुटों में बंट गए हैं। कुछ लोग जहां इस फैसले का खुलकर स्वागत कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग पुराने नाम के साथ जुड़े इमोशन को लेकर भावुक हैं।
लेकिन ‘काक-वाणी’ का तो यही मानना है कि नाम में क्या रखा है बॉस? असली चीज तो मनोरंजन है! चाहे इसे ‘बॉलीवुड’ कहो या ‘इंडियन सिनेमा’, जब तक परदे पर सीटीमार डायलॉग और धमाकेदार रोमांस रहेगा, जनता का दिल धड़कता रहेगा। तो क्या आप तैयार हैं इस नए युग के शानदार स्वागत के लिए?
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