भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी क्या है? यहाँ के राजनेताओं की महान सहनशीलता! वे देश में बेरोजगारी, महंगाई और सड़कों के जानलेवा गड्ढों को तो बड़ी ही सहजता से पचा लेते हैं, लेकिन जैसे ही सोशल मीडिया पर उनके ऊपर कोई मासूम सा ‘मीम’ या जोक तैरने लगता है, उनकी नाजुक त्वचा पर अचानक छाले पड़ जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स का यह कहना सौ फीसदी सच है कि हमारे भारतीय राजनेता मजाक बर्दाश्त करना बिल्कुल भूल चुके हैं। सच कहिए, तो अब इन्हें गुदगुदी से भी डर लगने लगा है!
जोक से सीधे ‘जेल’ तक का सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे
आजकल के दौर में अगर आपको जीवन में कुछ रोमांच चाहिए, तो एवरेस्ट पर चढ़ने या बंजी जंपिंग करने की कोई जरूरत नहीं है। बस किसी बड़े नेताजी के हेयरस्टाइल या उनके किसी बेतुके बयान पर एक छोटा सा चुटकुला बना दीजिए। अगले ही पल आपके दरवाजे पर पुलिस की मुस्तैद दस्तक होगी। हमारे पुलिस तंत्र को शायद बड़े अपराधियों को पकड़ने में वक्त लगे, लेकिन किसी ‘मीम-मेकर’ को धर-दबोचने में वे चीते की रफ्तार से काम करते हैं। हमारे नेताओं का मानना है कि उनकी प्रतिष्ठा कांच की बनी है, जो किसी भी हल्की सी हंसी की लहर से चकनाचूर हो सकती है।
भक्तों और चमचों की ‘आहत भावनाएं’
इस पूरे खेल में केवल नेताजी ही नहीं, बल्कि उनके परमभक्त और चमचे भी बराबर के भागीदार हैं। जैसे ही नेताजी पर कोई जोक बनता है, इन समर्थकों की सुकोमल भावनाएं इतनी तीव्रता से आहत होती हैं कि वे तुरंत सोशल मीडिया पर ‘बॉयकॉट’ और गिरफ्तारी का ट्रेंड चलाने लगते हैं। ऐसा लगता है कि देश की जनता को हँसने की बजाय, एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की कला में विशेषज्ञता हासिल हो चुकी है। अब जोक पर हँसा नहीं जाता, बल्कि उस पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाती है।
‘सेंस ऑफ ह्यूमर’ का राष्ट्रीयकरण कब होगा?
विदेशी राजनेता जहाँ अपने ऊपर बने कार्टूनों को खुद साझा करके अपनी खेल भावना दिखाते हैं, वहीं हमारे माननीय सीधे मानहानि का नोटिस भेजते हैं। ‘काक-वाणी’ का सुझाव है कि सरकार को जल्द ही एक ‘राष्ट्रीय हास्य नियंत्रण मंत्रालय’ का गठन कर देना चाहिए, जो यह तय करे कि जनता को दिन में कितनी बार और किस ब्रांड के जोक पर हँसना है।
अंततः, हमारे प्यारे नेताओं को सुबह-सुबह कपालभाति के साथ-साथ ‘हास्य योग’ भी करना चाहिए। लेकिन ध्यान रहे, हास्य योग में भी वे सिर्फ खुद पर ही हँसने का अभ्यास करें, क्योंकि जनता पर हँसने का काम तो वे पहले से ही बखूबी कर रहे हैं!
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