सुप्रभात! अगर आपने आज सुबह अपनी आँखें खोलते ही ‘फॉरवर्डेड ऐज़ रीसीव्ड’ वाला संदेश नहीं पढ़ा, तो यकीन मानिए आप 21वीं सदी के सबसे महान ज्ञान के केंद्र से वंचित रह गए हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं हमारे और आपके प्रिय संस्थान — ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ की। यहाँ ज्ञान की गंगा नहीं, बल्कि अफवाहों का ऐसा उफनता हुआ नाला बहता है, जिसमें डुबकी लगाकर हर कोई रातों-रात वैज्ञानिक और डॉक्टर बन जाता है।
1. यूनेस्को का ‘बेस्ट’ अवार्ड और नासा के कैमरे
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का सबसे पसंदीदा खिलौना है — यूनेस्को और नासा। कल ही हमारे एक दूर के फूफा जी ने मैसेज भेजा कि यूनेस्को ने भारत के राष्ट्रगान को दुनिया का सबसे बेहतरीन राष्ट्रगान घोषित किया है। हैरानी की बात यह है कि यूनेस्को बेचारे को खुद नहीं पता कि उसने यह अवार्ड कब जारी किया! वहीं नासा का तो काम ही बस यही बचा है कि वह दीवाली की रात भारत की जगमगाहट की फोटो खींचे या फिर यह चेक करे कि किस मंदिर का शंख बजाने से अंतरिक्ष के एलियन भाग रहे हैं।
2. एक चुटकी हल्दी और कैंसर का शर्तिया इलाज
यहाँ आधुनिक मेडिकल साइंस का जनाज़ा रोज़ निकाला जाता है। अगर आप व्हाट्सएप के ‘झोलाछाप फॉरवर्ड्स’ की मानें, तो दुनिया की कोई भी बीमारी ऐसी नहीं है जो एक चुटकी हल्दी, दो बूंद नींबू और थोड़ा सा सेंधा नमक खाने से ठीक न हो जाए। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज भी यहाँ ‘खाली पेट गर्म पानी’ पीने से हो जाता है। बेचारों एम्स और डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिक तो बस यूं ही सालों-साल प्रयोगशालाओं में अपनी आँखें फोड़ रहे हैं, असली ज्ञान तो मोहल्ले वाले अंकल के ‘फॉरवर्ड’ बटन में छुपा है।
3. 11 लोगों को भेजें और रातों-रात अमीर बनें
इस यूनिवर्सिटी की सबसे चमत्कारी शाखा है — ‘अंधविश्वास एवं लालच विभाग’। “इस हनुमान जी की फोटो को 11 ग्रुप में भेजें, शाम 5 बजे तक खुशखबरी मिलेगी।” अब विचार कीजिए, अगर 11 लोगों को मैसेज भेजने से किस्मत बदलती, तो आज देश में कोई बेरोजगार न होता। लेकिन लोग डर और लालच के इस चक्रव्यूह में ऐसे फंसते हैं कि अपनी तर्कशक्ति को ताक पर रख देते हैं।
कड़वी सच्चाई: दोस्तों, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की डिग्रियां बिल्कुल मुफ़्त हैं, लेकिन इन्हें हासिल करने के चक्कर में लोग अपनी ‘सामान्य बुद्धि’ (Common Sense) की बलि चढ़ा देते हैं। अगली बार जब कोई चमत्कारी मैसेज आए, तो उसे शेयर करने से पहले अपने दिमाग का इस्तेमाल करें और गूगल पर फैक्ट-चेक कर लें। वरना याद रखिए, आपकी एक गलत क्लिक किसी का भारी नुकसान करा सकती है।