व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के अद्भुत आविष्कार: जब नासा ने माना कि शंख बजाने से कोरोना भागता है!

प्रणाम ज्ञानार्थियों! ‘काक-वाणी’ के ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ विभाग में आपका स्वागत है। हमारे इस विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ बिना किसी परीक्षा, योग्यता या बुद्धि के सीधे ‘कुलपति’ (ग्रुप एडमिन) की डिग्री मिल जाती है। यहाँ के शोधकर्ता (ताऊजी और फूफाजी) दिन-रात एक करके ऐसे वैज्ञानिक तथ्यों की खोज करते हैं, जिन्हें देखकर खुद अल्बर्ट आइंस्टीन भी अपनी कब्र में दो-चार बार करवट बदल लें।

यूनेस्को और नासा का ‘विशेष भारतीय प्रेम’

हमारे इस व्हाट्सएप विश्वविद्यालय के सबसे पसंदीदा दो संस्थान हैं—यूनेस्को और नासा। यूनेस्को का काम साल में कम से कम बारह बार हमारे राष्ट्रगान, हमारी भाषा या हमारे किसी त्योहार को ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करना है। बेचारे यूनेस्को वाले पेरिस में बैठकर सोच रहे होंगे कि भाई, हमने ये अवॉर्ड कब और किसे दे दिया? वहीं नासा का तो मुख्य काम ही दिवाली की रात अंतरिक्ष से भारत की चमचमाती फोटो खींचना है। हाल ही में एक ‘वैज्ञानिक’ दावा आया कि नासा ने माना है कि तांबे के लोटे से वाई-फाई के सिग्नल तेज होते हैं। अब इस पर नोबेल प्राइज मिलना तय है, बस स्वीडन वाले व्हाट्सएप फॉरवर्ड का इंतजार कर रहे हैं।

घरेलू नुस्खों से कैंसर और बुढ़ापे का इलाज

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में तो हमारी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी ने डब्ल्यूएचओ को भी मीलों पीछे छोड़ दिया है। कैंसर? बस सुबह उठकर गर्म पानी में दो बूंद नींबू और थोड़ा सा जीरा डालिए, बीमारी गायब! जोड़ों का दर्द? तकिए के नीचे लहसुन की कली रखकर सो जाइए। डॉक्टरों की क्या जरूरत है, जब आपके पास ‘फॉरवर्डेड एज़ रिसीव्ड’ की संजीवनी बूटी मौजूद है। सच मानिए, अगर इन घरेलू दावों पर यकीन कर लिया जाए, तो दुनिया के सारे अस्पताल बंद होकर वहाँ गोलगप्पे की दुकानें खुल जानी चाहिए।

फॉरवर्ड न करने पर घोर अनर्थ की चेतावनी!

इस अनूठी यूनिवर्सिटी के ज्ञान की सबसे खतरनाक बात इसकी अंतिम लाइन की ‘चेतावनी’ होती है। “अगर आपने यह संदेश तुरंत 11 लोगों को नहीं भेजा, तो आज शाम तक कोई घोर अनर्थ हो सकता है।” बेचारा डरा हुआ आम आदमी इसी भय से हनुमान चालीसा के साथ-साथ यह फर्जी ज्ञान भी फॉरवर्ड कर देता है कि कहीं सच में उसकी बची-खुची वाई-फाई की स्पीड और न घट जाए।

काक-वाणी की कड़वी सलाह: अगली बार जब आपके पास कोई ऐसा संदेश आए जिसमें लिखा हो ‘विज्ञान भी हैरान है’, तो समझ जाइए कि विज्ञान सचमुच हैरान है, लेकिन इसलिए नहीं कि वह दावा सच है, बल्कि इसलिए कि इंसानी दिमाग इतना खाली कैसे हो सकता है! अफवाहों से बचें, उंगलियों को थोड़ा आराम दें और फॉरवर्ड बटन दबाने से पहले भगवान के दिए हुए मगज का थोड़ा इस्तेमाल करें।

कागा जी