अगर आपके पास स्मार्टफोन है और आपके परिवार का एक ‘फैमिली ग्रुप’ है, तो बधाई हो! आप दुनिया के सबसे बड़े, सबसे तेज़ और सबसे ज्ञानी संस्थान — व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के छात्र बन चुके हैं। यहाँ की सबसे खास बात यह है कि दाखिले के लिए किसी प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं होती, बस एक ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाने की काबिलियत होनी चाहिए।
प्रातःकाल का ‘यूनेस्को सर्टिफाइड’ ज्ञान
सुबह के ठीक 6 बजते ही इस यूनिवर्सिटी के मानद प्रोफेसर्स (जिन्हें समाज में ताऊ जी या शर्मा जी कहा जाता है) अपना शोध कार्य शुरू करते हैं। इस अद्भुत शोध के अनुसार, यूनेस्को ने भारत के राष्ट्रीय गान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गान घोषित कर दिया है, नासा ने अंतरिक्ष में ‘ॐ’ की आवाज सुन ली है, और रात को सोने से पहले पैर के अंगूठे पर सरसों का तेल लगाने से मोतियाबिंद ठीक हो जाता है। अब यह अलग बात है कि यूनेस्को को खुद नहीं पता होता कि उसने कब यह अवॉर्ड बांट दिया!
सेहत के अजूबे और ‘चमत्कारी’ नुस्खे
मेडिकल साइंस जहाँ सालों की रिसर्च और करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद कोई दवाई खोज पाती है, वहीं व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के डॉक्टर्स दो मिनट में हर बीमारी का इलाज ढूंढ लेते हैं। यहाँ कैंसर का इलाज गरम पानी में नीबू निचोड़कर पीने से हो जाता है और 5G के रेडिएशन से बचने के लिए घर के बाहर गोबर का लेप लगाने की सलाह दी जाती है। इन मैसेजों के नीचे बड़े-बड़े अक्षरों में चेतावनी होती है: “इसे 11 लोगों को भेजें, शाम तक कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी।” लोग खुशखबरी के चक्कर में पूरे मोहल्ले का मानसिक स्वास्थ्य खराब कर देते हैं।
सच्चाई का कड़वा घोंट (फैक्ट-चेक)
अब आते हैं कड़वी सच्चाई पर। इस यूनिवर्सिटी में बनने वाले 99% दावों का हकीकत से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं होता। नासा केवल रॉकेट उड़ाता है, ज्ञानवर्धक मैसेजेस नहीं बनाता। और यूनेस्को का काम सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा करना है, सुबह-सुबह व्हाट्सएप पर सर्टिफिकेट बांटना नहीं। फोटोशॉप की गई तस्वीरें और मनगढ़ंत टेक्स्ट का असली मकसद सिर्फ सनसनी फैलाना और लोगों की मासूमियत का फायदा उठाना होता है।
यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने का तरीका
अगर आप इस प्रतिष्ठित संस्थान की फर्जी डिग्री और ‘फॉरवर्डिया वायरस’ से बचना चाहते हैं, तो अगली बार किसी भी ज्ञानवर्धक मैसेज पर भरोसा करने से पहले ‘गूगल बाबा’ से सच जान लें। और हाँ, बिना सोचे-समझे ‘फॉरवर्ड’ बटन पर उंगली दबाने की खुजली पर थोड़ा नियंत्रण रखें, वरना आपकी भेजी गई ‘खुशखबरी’ किसी का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है!