फेकी गयी शान – “The Lost Pride”
एक गांव में रहने वाले लोग खेती करके अपने परिवारों को पालते थे, जहां सैकड़ों सालों से जो उत्पाद उत्पन्न किया गया था, उसे खुद ही उन्हीं को खाना पड़ता था। एक समय ऐसा आया कि उनके खेतों में सूखा दूध का लहलहाता मौसम नहीं होता था जो उन्हें परेशान कर रहा था। एक दिन एक आदमी उनके गांव में आया और उन्हें दलदल में फँसे हुए देखा। समुद्र के किनारे की तरह खुले मैदान बनाए जाने की अनुमति मिली थी जब तक वे किसी भी दंगे में पड़े नहीं गए थे। उनमें से बहुत सारे लोगों को ट्रेडिंग की जानकारी नहीं थी और वे न्यूनतम समझदारी से ये समझ नहीं पा रहे थे कि इससे अधिक आप क्या कर सकते हैं जिससे आपकी आर्थिक कष्टों को कम से कम नुकसान हो।
एक दिन फसल काटने के बाद, गांव के पुराने आदमी हुए उदास और निराश क्योंकि उनकी नई फसल को सूखा दूध नहीं मिल रहा था, जिससे उनको आर्थिक नुकसान हो रहा था। एक उनका बड़ा बेटा — जो अभी शहर में डराना चाहता था – उन्हें एक राजा से मिलने जा कर पुराने अनुभवों के साथ वापस आ गया और उनके लिए एक कारोबारी योजना बनाने का सुझाव दिया।
उन्होंने ट्रेडिंग के बारे में बहुत सी जानकारी दी और उन्हें यह समझाया कि उन्हें अपने खेतों से बहुत सारा धन बना सकते हैं। जैसे-जैसे नए कारोबारी योजनाएं बढ़ती गईं, उनके घर, निवेश और समझदार निवेश के लिए काफी एकत्रण किया गया। लेकिन बहुत से कारोबारी असफल थे, जो एक समय के पास होगा क्योंकि उन्होंने उन कारोबारों को लाइव देखा गया था। ये लोग एक-दूसरे से अधिक उत्साह लाते थे और दिन-रात नई समझौतें करते रहते थे।
एक दिन राजाओं ने इसको नोटिस किया और उनसे निवेश और निवेश में शामिल होने के बारे में पूछा कि क्या वे इसमें शामिल हैं या नहीं? यदि नहीं, तो वे उसे कितनी दूर रखने में सक्षम होंगे। इस पर अधिकांश लोग सहमत नहीं थे और वे इसे स्नेह से देखना चाहते थे।
लेकिन कुछ लोग जिन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा था, उन्होंने उन्हें आधे और पूरे नुकसान को कबूल करने के लिए कहा था। कुछ दिनों बाद जब अधिक समय बीतते गये, तो सब लोग अपने नुकसान को साझा करने लगे। अब परिणाम यह था कि सभी अपने अपने नुकसान को कवर नहीं कर सकते थे और उन्हें दायित्व उठाना पड़ा कि वे एक साथ काम करें।
इस तरह से खेतों का विकास बंद हो गया था, लोग अधिक नुकसान को उठाने के लिए निकले थे, इससे अधिक नुकसान होने से उन्होंने उन्हें बंद जगहों में ठोस शेर मारने के लिए कहा था।
अब वे जो शान से सम्मानित हुए थे, छोटे-मोटे उपहार मात्र सह रहे थे, समय निकलता चला गया था, इससे उनकी गरिमा भी कम हो गई थी। आखिरी तक वे साइट&ट्रेड के नाम से मशहूर नहीं हो सके। स्वयं वे लोग आज काफी दुर्भाग्यशाली हैं, जिस अर्थ में कि उन्हें एक समय में खेती से बहुत सारा धन मिल सकता था, लेकिन उन्हें सत्रांश पर खोने की हि न हमेशा जानते थे।