मेरी प्रिय दादी की कहानी
जब मैं छोटा हुआ करता था तब मेरे घर पर मेरी दादी रहती थी। वह बड़ी समझदार थीं और बहुत ही खुशमिजाज व्यक्ति थीं। दादी हमेशा हमारे साथ ही रहती थीं और हमारी हर जरूरत को समझती थीं। हमेशा मुस्कुराती रहती थीं और हमें भी हंसाने का बहुत शौक था।
दादी ने मुझे कई अच्छी बातें सिखाएं। वह हमेशा यह सिखाती थीं कि सच्चाई से बचना नहीं चाहिए। उन्होंने मुझे यह भी सिखाया कि समय से पहले जाना अच्छा नहीं होता। एक बार वह मुझे बताई कि जब वे छोटे थे तब उनके बचपन का एक दोस्त उनके साथ समय बिताता था। सभी लोग दोस्त थे लेकिन उन दोस्तों में से एक दोस्त बेहद झूठा था।
दोस्त झूठे कामों में फंसता और झूठे वादे करता। दादी ने समझाया कि यह सब ठीक नहीं होता है और हमेशा सच बोलना चाहिए। एक दिन दादी के दोस्त ने दादी से झूठ बोला और धोखा दिए बिना वहाँ से चला गया। दादी ने समझाया कि सच्चाई हमेशा जीतती है और हमेशा सत्य बोलना चाहिए।
दादी ने हमेशा अपने जीवन में सच्चाई को महत्व दिया। उन्होंने बहुत संतुलित जीवन जिया था। वह शांतिपूर्ण व्यक्ति थीं और हमेशा हमारे साथ थीं। मैंने उन्हें बहुत मिस किया था जब कि वह अपनी तबियत के लिए अस्पताल में भर्ती थी। मेरे परिवार का हर व्यक्ति उन्हें मिस्स कर रहा था।
दादी को देखा मुझे अपने से ही शक होने लगा था। लेकिन उन्होंने हमेशा मुझे ताकत दी कि मैं अपने सपने पूरे कर सकता हूं। एक दिन दोपहर मेरे परिवार ने मुझे बताया कि दादी का दिल थम गया है। मैं भाग कर अस्पताल में पहुंच गया।
मैंने उन्हें देखा तो उन्हें देख कर मुझे बहुत दुख हुआ। मैंने उनसे कहा कि वे ठीक होंगी और हम सभी उनके साथ हैं। दादी मुस्कुराई और कहा कि उन्हें घर ले जाने की चिंता नहीं है बल्कि वह डॉक्टरों का विश्वास था कि वह ठीक हो जाएंगी।
उन्होंने मुझे यह भी सिखाया कि जीवन में अगर हम मुश्किल वक्त में उठते हैं तो हमेशा सफल होते हैं। वह हमेशा एक सकारात्मक सोच वाली व्यक्ति थीं। वह सोचतीं थीं कि जीवन का काम समस्याओं का सामना करना है लेकिन कैसे हम समस्याओं का सामना करते हैं यह हम पर निर्भर करता है।
उन्होंने हमेशा यह भी सिखाया कि हमेशा खुश रहना चाहिए। वे हमेशा जीवन में सकारात्मक विचारों को अपनाएं। वे बहुत अच्छे विचारों की रचना करतीं थीं जिन्हें सुनकर मेरे दिल को आराम मिलता था।
थोड़ी देर बाद दादी का दिल कुछ हल्का सा हुआ था। मुझे एक बात ज्ञात हुई थी कि दादी को हमेशा विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने हमेशा कहा कि भगवान हमेशा हमारे साथ होते हैं और वह हमेशा हमें आशीर्वाद देते हैं।
अब दादी बिल्कुल ठीक हो चुकी थीं और हम सभी उन्हें घर ले आए। वह हमेशा की तरह खुशमिजाज थीं और उन्होंने हमेशा इस बात का ध्यान रखा कि हमेशा खुश रहना चाहिए। उन्होंने हमेशा यह सिखाया कि जीवन का सफर थोड़ा लम्बा होता है लेकिन जीवन में सफल होने के लिए हमेशा सच्चाई व सकारात्मकता का सहारा लेना चाहिए।
आज मैं उन्हें बहुत याद करता हूं। वह मुझे बचपन से आज तक अपनी सीखों से लबालब रखती हैं। उन्होंने हमेशा यह भी सिखाया कि जीवन में संतुलन, सच्चाई, सकारात्मकता और खुशमिजाजी हमारे जीवन के लिए बहुत ही आवश्यक है।