यूनेस्को घोषित सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान से लेकर नासा के चमत्कारी कद्दू तक: व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का दिव्य ज्ञान

प्रणाम ज्ञानियों! ‘काक-वाणी’ के ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ विभाग में आपका स्वागत है। यह एक ऐसा पावन और अद्भुत डिजिटल विश्वविद्यालय है जहाँ बिना किसी प्रवेश परीक्षा के, केवल एक ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाकर आप रातों-रात न्यूक्लियर साइंटिस्ट, प्रख्यात इतिहासकार, और विशेषज्ञ डॉक्टर बन सकते हैं। यहाँ ज्ञान का झरना चौबीसों घंटे बहता है, जिसमें बहकर अक्सर इंसानी तर्क और सामान्य बुद्धि बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाते हैं।

1. यूनेस्को का ‘सर्वश्रेष्ठ’ राष्ट्रीय गान पुरस्कार

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का सबसे पहला और शाश्वत सत्य यह है कि यूनेस्को (UNESCO) के पास दुनिया में और कोई काम नहीं है, सिवाय भारत की चीजों को ‘विश्व सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करने के। पिछले दस सालों से हर १५ अगस्त और २६ जनवरी को हमारे राष्ट्रगान को यूनेस्को द्वारा “सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान” घोषित किया जाता है। यूनेस्को वाले बेचारे हर साल स्पष्टीकरण देते-देते थक गए हैं, लेकिन हमारे फूफाजी का राष्ट्रप्रेम इस सरकारी स्पष्टीकरण से कहीं ऊपर है। सच्चाई यह है कि यूनेस्को ऐसी कोई प्रतियोगिता आयोजित ही नहीं करता!

2. नासा के वैज्ञानिक और चमत्कारी सब्जियां

दूसरा दिव्य ज्ञान सीधे ‘नासा’ (NASA) की प्रयोगशालाओं से लीक होकर हमारे इनबॉक्स में आता है। व्हाट्सएप के अनुसार, नासा के वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया है कि ग्रहण के समय कद्दू की सब्जी खाने से शरीर के सारे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा, नासा वाले हर दीवाली पर भारत की एक ऐसी चमचमाती तस्वीर अंतरिक्ष से खींचते हैं, जिसमें केवल हमारा देश ही मोमबत्ती की तरह जलता दिखता है। वास्तविकता यह है कि नासा के वैज्ञानिक अपनी दूरबीन से सुदूर अंतरिक्ष में ब्लैक होल ढूंढ रहे हैं, और यहाँ व्हाट्सएप के चाणक्य उनके नाम पर इलायची और लौंग से कोरोना भगाने का नुस्खा बेच रहे हैं।

3. गरम पानी, नींबू और कैंसर का अंत

व्हाट्सएप के नोबेल पुरस्कार विजेता डॉक्टरों के अनुसार, दुनिया की हर बीमारी का इलाज बेहद आसान है। बस सुबह उठकर गरम पानी में नींबू निचोड़िए और कैंसर जैसी बीमारी को टाटा-बाय-बाय कह दीजिए। इस नुस्खे को पढ़ने के बाद दुनिया के बड़े-बड़े रिसर्च सेंटर्स पर ताला लग जाना चाहिए।

काक-वाणी का निष्कर्ष: व्हाट्सएप पर आने वाली ९९% वैज्ञानिक खबरें उतनी ही सच होती हैं, जितनी कि नेताओं के चुनावी वादे। अगली बार जब आपके पास ‘नासा प्रमाणित’ या ‘यूनेस्को घोषित’ कोई मैसेज आए, तो फॉरवर्ड बटन दबाने से पहले अपनी खोपड़ी का इस्तेमाल करें। ज्ञान बांटना अच्छी बात है, लेकिन अज्ञान का रायता फैलाना बंद होना चाहिए!

कागा जी