सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हम भारतीयों के लिए एक गहरी भावना है! जब थियेटर के अंधेरे कमरे में प्रोजेक्टर की रोशनी सफेद स्क्रीन पर पड़ती है, तो एक अलग ही जादुई दुनिया जीवंत हो उठती है। सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘Bollywood एक नजर में…’ नामक वीडियो खूब तहलका मचा रहा है, जो दर्शकों को यादों के झरोखे में ले जा रहा है। आइए, ‘काक-वाणी’ के इस खास लेख में हम भी भारतीय सिनेमा के इस सुनहरे और ऐतिहासिक सफर पर एक नजर डालते हैं।
मूक सिनेमा से ‘बोलती’ फिल्मों का रोमांचक सफर
भारतीय सिनेमा की नींव साल 1913 में दादा साहब फाल्के की मूक फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ से रखी गई थी। उस दौर में कोई आवाज नहीं थी, केवल कलाकारों के चेहरे के हाव-भाव ही पूरी कहानी बयां करते थे। इसके बाद साल 1931 में आई फिल्म ‘आलम आरा’, जिसने भारतीय सिनेमा को उसकी पहली आवाज दी। फिल्म का गाना ‘दे दे खुदा के नाम पर’ आज भी इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है। ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन से शुरू हुआ यह कारवां आज शानदार वीएफएक्स (VFX) और पैन-इंडिया ब्लॉकबस्टर्स के युग में पहुंच चुका है।
सुपरस्टार्स और वो आइकॉनिक फिल्में जिन्होंने इतिहास रचा
बॉलीवुड का इतिहास इसके दिग्गज कलाकारों के बिना अधूरा है। दिलीप कुमार की संजीदगी, देव आनंद का स्टाइल और राज कपूर की सादगी ने जिस सुनहरे दौर का निर्माण किया, उसे अमिताभ बच्चन के ‘एंग्री यंग मैन’ अवतार ने एक नई दिशा दी। इसके बाद 90 के दशक में ‘खान त्रिमूर्ति’ (शाहरुख, सलमान और आमिर) ने रोमांस और एक्शन की परिभाषा ही बदल दी। ‘शोले’, ‘मदर इंडिया’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए अपनी जगह बना ली।
संगीत और डांस: बॉलीवुड की धड़कन
दुनियाभर के सिनेमा से अगर हमारा बॉलीवुड सबसे अलग और अनोखा नजर आता है, तो उसकी वजह है हमारा संगीत। मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, लता मंगेशकर से लेकर आज के अरिजीत सिंह तक, और नौशाद से लेकर ए.आर. रहमान तक के जादुई संगीत ने फिल्मों को अमर बनाया है। गानों और थिरकते कदमों के बिना किसी बॉलीवुड फिल्म की कल्पना करना भी नामुमकिन है।
भारतीय सिनेमा से जुड़े कुछ दिलचस्प फैक्ट्स
क्या आप जानते हैं कि भारतीय फिल्म उद्योग दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्में बनाने वाला फिल्म उद्योग है? हर साल यहां अलग-अलग भाषाओं में लगभग 1500 से 2000 फिल्में बनाई जाती हैं। हॉलीवुड से भी बड़ा यह साम्राज्य आज वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत धाक जमा चुका है। फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहा यह ओवरव्यू वीडियो हमें याद दिलाता है कि कैसे एक छोटे से कैमरे से शुरू हुआ यह सफर आज अरबों रुपये की ग्लोबल इंडस्ट्री बन चुका है।
तो देर किस बात की? आज ही अपने पसंदीदा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कोई क्लासिक फिल्म लगाइए और इस सिनेमाई जादू का आनंद उठाइए। बॉलीवुड की ऐसी ही चटपटी खबरों और ऐतिहासिक किस्सों के लिए पढ़ते रहिए ‘काक-वाणी’!
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