रील और रियल का खेल: जब बॉलीवुड ने बनाया हमारे सपनों का भारत!

क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम ‘भारत’ शब्द सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? सरसों के पीले खेत, हवा में लहराता लाल दुपट्टा, या फिर बड़े-बड़े आलीशान महल? जी हां, यह जादू किसी और का नहीं बल्कि हमारे प्यारे बॉलीवुड का है! हाल ही में मशहूर आर्किटेक्चर वेबसाइट ‘ArchDaily’ ने ‘Building the India of the Imagination: Cinema and the Making of Place’ नाम से एक बेहद दिलचस्प रिपोर्ट पब्लिश की है। इस रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं करता, बल्कि वह हमारे सपनों के भारत की नींव भी रखता है।

सिनेमा का जादुई चश्मा: जब पर्दे पर जिंदा हुआ सपनों का भारत

बॉलीवुड फिल्मों ने सालों से हमारे सोचने और देखने के नजरिए को बदला है। जब हम स्विट्जरलैंड की वादियों में यश चोपड़ा के हीरो-हीरोइन को रोमांस करते देखते हैं, तो वह जगह हमारे लिए सिर्फ एक विदेशी लोकेशन नहीं रह जाती, बल्कि वह हमारे लिए प्यार का एक नया ठिकाना बन जाती है। काक-वाणी के इस खास बुलेटिन में हम समझ रहे हैं कि कैसे फिल्मों के सेट्स और लोकेशन्स ने हमारे देश की सांस्कृतिक पहचान को एक नया रूप दिया है। चाहे वह ‘शोले’ का रामगढ़ हो या ‘3 इडियट्स’ की लद्दाख वाली पैंगोंग झील, सिनेमा ने इन अनजानी जगहों को हमारे दिलों में हमेशा के लिए बसा दिया है।

संजय लीला भंसाली और भव्य सेट्स का मायाजाल

जब बात पर्दे पर भव्यता, इतिहास और लाजवाब वास्तुकला (architecture) की आती है, तो बॉलीवुड में सबसे पहला नाम दिग्गज फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली का ही दिमाग में चमकता है। संजय लीला भंसाली की फिल्मों में सेट्स सिर्फ बैकग्राउंड का हिस्सा नहीं होते, बल्कि वे खुद कहानी के एक मुख्य किरदार की तरह बोलते हैं। ‘देवदास’ का वह चंद्रमुखी का कोठा, ‘बाजीराव मस्तानी’ का भव्य आइना महल, या फिर ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के कमाठीपुरा की वह तंग लेकिन जीवंत गलियां; भंसाली ने अपनी फिल्मों के जरिए एक ऐसे काल्पनिक भारत की रचना की है जो असल दुनिया से कहीं ज्यादा खूबसूरत और जादुई नजर आता है।

काल्पनिक भारत से असल जिंदगी का सफर

यह सिनेमाई वास्तुकला सिर्फ थिएटर की स्क्रीन तक ही सीमित नहीं रहती। फिल्मों में दिखाई गई ये शानदार जगहें असल जिंदगी में भी बड़े टूरिस्ट स्पॉट बन जाती हैं। लोग इन लोकेशन्स पर जाकर खुद को अपनी पसंदीदा फिल्म का हिस्सा महसूस करना चाहते हैं। सच तो यह है कि बॉलीवुड ने हमारे लिए एक ऐसा भारत बनाया है, जहां हकीकत और फंतासी की सीमाएं आपस में मिल जाती हैं। तो अगली बार जब आप कोई फिल्म देखें, तो केवल उसकी कहानी पर नहीं, बल्कि उस पीछे की दुनिया पर भी गौर कीजिएगा, जिसे बड़ी शिद्दत से आर्किटेक्ट्स और डिजाइनर्स ने मिलकर बनाया है!


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कागा जी