व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की नई रिसर्च: नींबू-मिर्च से मिटेगा कैंसर और यूनेस्को का नया ऐलान!

स्वागत है आपका ‘काक-वाणी’ के सबसे प्रतिष्ठित स्तंभ ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में! यहाँ ज्ञान की गंगा नहीं, बल्कि फॉरवर्डेड संदेशों का सुनामी आता है। सुबह-सुबह ‘गुड मॉर्निंग’ के फूलों वाले संदेशों से शुरू हुआ दिन, रात तक दुनिया को तबाह होने से बचाने वाले नुस्खों पर खत्म होता है। आज हम बात करेंगे उन वायरल सच और झूठ की, जिन्हें हमारे देश के करोड़ों ‘व्हाट्सएप वैज्ञानिक’ बिना पढ़े और बिना सोचे आगे बढ़ा देते हैं।

यूनेस्को और नासा का ‘विशेष’ भारत प्रेम

अगर आप व्हाट्सएप पर सक्रिय हैं, तो आपको पता ही होगा कि यूनेस्को (UNESCO) का आधा काम सिर्फ भारत की चीजों को ‘सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करना है। कभी हमारा राष्ट्रगान दुनिया में सबसे बेहतरीन चुना जाता है, तो कभी हमारी राष्ट्रभाषा। वहीं नासा (NASA) की बात करें, तो दीये जलाने या ताली बजाने से अंतरिक्ष में दिखने वाली रोशनी का पहला सैटेलाइट चित्र हमेशा हमारे व्हाट्सएप इनबॉक्स में ही लैंड करता है। सच्चाई यह है कि बेचारी नासा और यूनेस्को की टीमों को भी नहीं पता होता कि वे कब और किसे ये अंतरराष्ट्रीय अवार्ड बांट रहे हैं!

2000 का नोट और नैनो चिप की अमर गाथा

याद कीजिए वह ऐतिहासिक दौर जब 2000 रुपये का गुलाबी नोट आया था। व्हाट्सएप के शीर्ष रिसर्च फेलो ने दावा किया था कि इस नोट के अंदर जमीन के 120 मीटर नीचे तक सिग्नल भेजने वाली ‘नैनो जीपीएस चिप’ लगी है। आलम यह था कि लोग टॉर्च जलाकर नोट में चिप ढूंढ रहे थे। बाद में पता चला कि चिप तो छोड़िए, नोट खुद ही बाजार से गायब हो गया! यह व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का ऐसा महान झूठ था जिस पर कई टीवी चैनलों ने भी अपनी साख दांव पर लगा दी थी।

रसोई के नुस्खे: कैंसर से लेकर अमर होने तक का इलाज

आधुनिक मेडिकल साइंस बेचारी सालों तक लैब में रिसर्च करती रहती है, और यहाँ एक 100 शब्दों के फॉरवर्ड में कैंसर का पक्का इलाज मिल जाता है! “उबलते पानी में नींबू डालकर पियो, कैंसर की कोशिकाएं भस्म हो जाएंगी!” या फिर “सोते समय मोजे में प्याज का टुकड़ा रख लो, शरीर का सारा जहर खिंच जाएगा!” ऐसे महान दावों को पढ़कर लगता है कि बड़े-बड़े डॉक्टरों को अपनी दुकानें बंद करके व्हाट्सएप ग्रुप जॉइन कर लेने चाहिए।

फॉरवर्ड का बटन दबाने से पहले…

व्हाट्सएप पर फैला ‘सच’ अक्सर भ्रामक तस्वीरों और ‘इसे 11 लोगों को तुरंत भेजें वरना अनर्थ हो जाएगा’ वाली कसमों के पीछे छिपा झूठ होता है। इसलिए अगली बार जब कोई चमत्कारी मैसेज आए, तो अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें, नासा और यूनेस्को को थोड़ा विश्राम दें और ‘फैक्ट चेक’ करने की आदत डालें। वरना ज्ञान के इस समंदर में आप बिना लाइफ जैकेट के डूबते रहेंगे!

कागा जी