व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी की नई खोज: 10 लोगों को फॉरवर्ड न किया तो फोन बन जाएगा पत्थर!

रोज सुबह छह बजते ही जब पूरी दुनिया चैन की नींद सो रही होती है, तब व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के ‘रिसर्च सेंटर’ में हमारे परम आदरणीय अंकलजी जाग जाते हैं। चाय की पहली चुस्की के साथ ही एक ‘शुभ प्रभात’ का चमकता हुआ गुलाब और उसके तुरंत बाद एक सनसनीखेज ‘ऐतिहासिक खोज’ हमारे इनबॉक्स में गिरती है। इन वायरल दावों की कड़वी सच्चाई यह है कि इनका कड़वाहट से तो गहरा रिश्ता है, लेकिन सच्चाई से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।

यूनेस्को और नासा की ‘विशेष कृपा’

व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के महामहिम प्रोफेसरों के अनुसार, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का आधा बजट तो सिर्फ भारतीय रसोइयों पर रिसर्च करने में खर्च हो जाता है। कल ही फैमिली ग्रुप में खबर आई कि “नासा ने सूर्य की आवाज रिकॉर्ड की है और सूर्य से स्पष्ट रूप से ‘ॐ’ की ध्वनि के साथ-साथ गरम भजिया तलने की आवाज आ रही है।”

बात यहीं खत्म नहीं होती! संयुक्त राष्ट्र संघ (UNESCO) तो रोज सुबह उठकर केवल भारत को ही सर्टिफिकेट बांटता है। कभी हमारे राष्ट्रगान को ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ घोषित कर दिया जाता है, तो कभी आपके मोहल्ले के वही अंकल ‘विश्व के सबसे ज्ञानी पुरुष’ चुन लिए जाते हैं जो खुद टीवी का रिमोट ढूंढने के लिए पूरे घर में तांडव मचाते हैं।

फैक्ट चेक: फॉरवर्ड न करने पर क्या होगा?

आइए अब थोड़ा ‘फैक्ट चेक’ कर लेते हैं, जिसे इस यूनिवर्सिटी के छात्र ‘गद्दारी’ कहते हैं:

  • दावा: इस मैसेज को 11 लोगों को तुरंत भेजें, शाम 5 बजे तक मिलेगी कोई बड़ी खुशखबरी!
  • सच्चाई: अगर आप 11 लोगों को यह कचरा भेजेंगे, तो उनमें से 10 लोग आपको ब्लॉक कर देंगे और बचा हुआ 1 व्यक्ति आपको फोन करके खरी-खोटी सुनाएगा। यही आपकी सबसे बड़ी ‘खुशखबरी’ होगी।
  • दावा: रात को सोने से पहले कान में प्याज का रस डालकर सोने से कैंसर और मोतियाबिंद एक साथ ठीक हो जाते हैं।
  • सच्चाई: बीमारी तो ठीक नहीं होगी, लेकिन सुबह तक कमरे की गंध से आपके घरवाले आपको घर से बाहर जरूर निकाल देंगे।

संपादक की अंतिम चेतावनी

मित्रों, ‘फॉरवर्डेड एज रिसीव्ड’ (Forwarded as received) केवल एक टैग नहीं है, यह हमारी बौद्धिक आलस का सरकारी प्रमाणपत्र है। जिस दिन आपने किसी खबर को बिना सोचे-समझे आगे बढ़ाना बंद कर दिया, उस दिन व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी का सर्वर क्रैश हो जाएगा। इसलिए अगली बार जब अंकलजी कहें कि “चम्मच में हल्दी लगाकर देखने से मंगल ग्रह शांत होता है”, तो चम्मच उठाकर हलवा खाइए और अपने दिमाग की बत्ती जलाइए। ज्ञान बांटिए, लेकिन कम से कम पहले उसे खुद तो जांच लीजिए!

कागा जी