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आपत्तिजनक संगम दिन ढल रहा था, धरती शांत थी।

Title: आपत्तिजनक संगम

दिन ढल रहा था, धरती शांत थी। शहर के लोग अपनी नींद में थे। तब पुलिस के हेलिकॉप्टर से जारी आवाज ने सबको हिला दिया। सभी लोग उठ उठे।

पॉलीस ने सारे शहर को शुमार कर लिया था। उन्होंने रात में थीले में फ़से बदमाशों की खोज जारी थी। अगले कुछ मिनट बहुत रहा, लेकिन फिर एक आवाज़ आई। मैंने कुछ अचानकता समझी। हेलिकॉप्टर में एक एक सार्वजनिक घोषणा की जा रही थी।

मुझे भी अचानक समझ में आया कि शायद कुछ लोग मैंरे आसन्न घरों के बाहर ढकेले गए होंगे। मैंने चेतावनी दी जो लोग सम नहीं थे। मैंने एक छोटे से बच्चे को कहा कि वह हलके होटल से बाहर निकले। मैं इस दंशा को नहीं सुनाना चाहती थी कि कुछ भाई यहां मेरे घर के सामने आ जाएं।

मैं सामने आई। मैंने कुछ नहीं देखा। पुलिस स्थान पर थी। वे बोले कि ऊपरी मंजिल के डाकियों के कुछ उदाहरण वहाँ ढकेले हैं जहां फ़सादियों की झंझाट नहीं होती। मुझे उस स्थान के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन पुलिस के लिए सब कुछ साफ़ था।

मैं वहाँ नहीं रुकना चाहती थी, लेकिन न्यूनतम सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया गया था। मेरी तरफ जाते हुए कुछ बदमाश देखे गए। मैं उन पर कुछ नहीं कह सकी। मैं ने उन्हें देखा। वे बदमाशों के साथ थे। मैं अपनी आवाज कम करने के लिए वहाँ से घर को संभालने के लिए निकल गयी और मेंने शोध की खोज शुरू की जहाँ एक पुलिस चौकीदार भी गिरफ्तार हो चुका था।

मैं उससे बात करने के लिए उस स्थान पर जाने लगी। वह स्थानांतरण करते हुए बड़ी मुश्किल में था। ये मुझे गलत मालूम हो गया था। मैंने खुद को पुलिसे संपर्क करने के लिए दिलाया था। आखिर वहाँ पहुँचा तो पता चला कि पुलिस के लोग नहीं थे। मैं शब्दहीन हो गयी थी।

मुझे फिर एक अचानक समझ आया कि मैं सीधा घर नहीं जा सकती थी, जैसा कि मैं सोच रही थी। मैंने खुद को सुरक्षित किया और कहा कि मैं नीचे ज़मीन के नीचे जा सकती हूं। मुझे लगा कि यह मेरे लिए बेहद शांत होगा। चलते चलते मुझे एक घटना देखने के बाद शहर के लोगों के संबंध में कुछ समझ में आया।

एक शहर का नया जखम था। फिर एक आपत्तिजनक संगम जहां एक दस्तावेज बदमाशों द्वारा मुझसे चीन लिया गया था से लेकर कुछ बैंक लूटने का सारा सुधार हो रहा था। मैं यह बताने के लिए यहाँ हूँ कि मैं अपनी आंखें खोल देना चाहती थीं और जब मैं लगभग उत्तरवायुवी द्वारा ऊपर को जाती हुई देखी गए तो मुझे एक पुरानी फिल्म की याद आ गयी जो मेरे दादा जी द्वारा सुनाई जाने वाली थी।

फिल्म में एक देश में फसा कुछ अमीर लोगों ने देखा कि कुछ गरीब लोग के पास मन पसंद शहर का टुकड़ा है। वे शहर के बीच में इस अंधविश्वास के साथ काम करते हुए उन अपनी जगह पर ले गए। मुझे वहाँ कुछ इसी तरह की परिस्थिति शुरू हुई थी। शहर के एक अंधेरे कोने से कुछ दस्तावेज मिले जो मुझे उन्होंने चीन लिये थे। मुझे पेश कर सकते थे लेकिन उन्होंने मुझे उनकी जगह में जे बोला।

वह मेरी प्रतिक्रिया नहीं थी। मैं उन्हें रोक नहीं सकी। घंटों कुछ बाद मैं अपने दोस्तों के साथ सड़क पर उन्हें सुरक्षित बनाए रखने के लिए एक मैक्सी पे वापस आई।

जब मैं घर में बैठी थी, तभी पुलिस आ गई। वे मेरे साथ कुछ बातचीत की और फिर चले गए। मुझे पता नहीं था कि वे खोज रहे थे। मेरी मदद करने के लिए गुजराते हुए मेरी याद आकर मुझे 100% सुरक्षा दी।

शहर में एक आपत्तिजनक संगम था। लोग सावधान रहें और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। इसे नहीं लेते तो कुछ बुरा हो सकता है।

कागा जी

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