Title: एक ढेर सारे सपने
एक छोटे से गांव में रहने वाली लड़की का नाम मही था। मही की उम्र सीधी साधी थी लेकिन उसमे बचपन से ही एक सपने का पीछा लगा हुआ था। मही का सपना कुछ नया कुछ अलग था, वह छोटी थी तबसे जब उसके साथ एक बार फूलों से भरी हुई भंडारी आई थी और मही ने उसे खत्म न कर पाएं तभी से मही को लगता था के उसकी ये आदत कभी नहीं जाएगी।
लेकिन उधर गांव के लोग कहते थे के मही को बचपन में कुछ खराब ज़ख्म पहुँचा हुआ था जिसने उसके दिमाग में ईरष्या की बात डाल दी थी। मही की सोच की वजह से वह अक्सर उदास और लचर होती रहती थी। लेकिन फिर भी उसका दिल एक सपने की आशा से भरा रहता था।
जब मही कक्षा 10 की परीक्षा में पास हुई तब भी उसका सपना सिर्फ उसे सैकड़ों युवाओं के बीच से हड़बड़ाते दिखता था। उसे भी सभी की तरह कुछ बन कर दिखाना था।
एक दिन जब उसने गांव के पंचायत भवन में अपना Xth अंक देखा तो उसे दिल को सुकून मिल गया। उसने उदीरण देखा, के लोग वहाँ ख़ुश तो थे लेकिन कुछ न लगता था। शायद मही ही कुछ अलग थी, जो अब उसने अनुभव किया।
बाद में उसके माता पिता उसे बताया के वे उसके लिए एक सरकारी नौकरी तलाश रहे थे, पर फिर भी उन्होंने उससे पूछा के क्या वह नहीं कुछ अलग कर सकती। उसे हिम्मत नहीं थी कहने की वो कुछ करना चाहती हैं क्योंकि वो सभी युवाओं से अलग है।
कुछ दिन बाद उसे एक पंछी मिला, जो अपना भुना हुआ घर ढूंढ रहा था। मही उसे साथ ले घर गई और ढंग से उसे देखने के बाद उसे नाम थैंडर दिया। साथ ही फ्रीलांस विद्यार्थी बन गयी, उसने अपना एक वेबसाइट भी शुरू किया जहाँ वह और भी कुछ अलग तरीकों से विभिन्न नौशकंहों का उद्योग बढ़ा करती।
मही के काम में सफलता और उत्साह ने उसे इतना बढ़ा दिया कि उसने सपनों को जीने से ही नहीं आता। जंतर मंतर देखते हुए उसने अपना गाँव से बहुत बड़े शहर में जाने का फैसला किया। वह भारत का सबसे बड़ा विदेशी बैंक मेनेजर बन गई।
उसके सफल होने का सफर बहुत थोड़ा नहीं था, उसे बड़ी संख्या में नौकरियों पर सफलता मिली, काम के लिए उसे दॉक्टरी पढ़ाई का भी अवसर मिलता रहा। उसे महा सपनों के पीछे घूमते वक़्त कि यादें आ जातीं हैं।
बाद में उसका सपना उसे एक छोटी सी मुसीबत में फंस जाता है। उसे चोट लगती है जो ठीक नहीं होती। गोलगप्पे खाने से उसे सालों थे निशांत रोग भी हो जाता है। पर वह सारी मुसीबतों का सामना उत्साह के साथ करती रहती है। मही ने हमेशा ये सिखाया है के सफलता हौसलों से मिलती है और अगर हर हाल में हौसले टूटते हैं तो फिर सफलता आसानी से न मिलती है।
आज मही एक सफल महिला है, जो इतनी सारी मुसीबतों से पल रही है, लेकिन उसका हौसला नहीं टूटा। आज उसे यह समझ में आता है कि उसकी ज़िन्दगी उसके सपनों को पूरा करने वाली तरीके से बनी है।
मही अपनी एक सपने पर फिर से दांव लगा रही है, एक ऐसे सपने पर जिसे उसे लाखों लोगों का यकीन होगा कि वह न सिर्फ पूरा होता है बल्कि आगे जा कर अधिक बड़े सपनों का मतलब भी चलता है।