गदर मचाने वाले सनी देओल ने पूछा तीखा सवाल- ‘क्या हम आज़ादी के लायक हैं?’ जानिए क्या है पूरा माजरा!

बॉलीवुड के सबसे दमदार एक्शन हीरो और ढाई किलो का हाथ रखने वाले हमारे प्यारे तारा सिंह यानी Sunny Deol एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। लेकिन इस बार चर्चा उनके किसी नए एक्शन सीन या डायलॉग की नहीं, बल्कि उनके एक बेहद गंभीर और दिल को झकझोर देने वाले सवाल की हो रही है। गल्फ न्यूज को दिए एक हालिया इंटरव्यू में सनी पाजी ने ‘बंटवारा 1947’ के दर्द और भारत में देशभक्ति सिनेमा के क्रेज पर खुलकर बात की। इसी दौरान उन्होंने एक बड़ा सवाल दाग दिया— “क्या हम वाकई अपनी आज़ादी के हकदार हैं?”

ढाई किलो के हाथ से निकला एक गंभीर और भावुक सवाल

जब भी पर्दे पर देशप्रेम की बात आती है, तो सनी देओल का चेहरा सबसे पहले जेहन में आता है। ‘बॉर्डर’ के मेजर कुलदीप सिंह से लेकर ‘गदर’ के तारा सिंह तक, उन्होंने हमेशा देश के दुश्मनों के छक्के छुड़ाए हैं। लेकिन असल जिंदगी में सनी पाजी इतिहास के पन्नों को लेकर काफी भावुक हैं। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने 1947 के बंटवारे के दर्द को याद किया। उन्होंने कहा कि जब हम इतिहास के उस दौर को देखते हैं, जहाँ लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और बेघर हुए, तो मन उदास हो जाता है। आज के माहौल को देखकर कभी-कभी यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि क्या हम वाकई उस आज़ादी की कद्र कर रहे हैं जो हमें इतनी भारी कीमत पर मिली है?

देशभक्ति फिल्मों का कभी न खत्म होने वाला जादू

भारत में देशभक्ति से लबरेज फिल्मों का क्रेज हमेशा सिर चढ़कर बोलता है। सनी देओल खुद इस बात के सबसे बड़े गवाह हैं। ‘गदर 2’ की ब्लॉकबस्टर सफलता ने यह साबित कर दिया कि भारतीय दर्शक आज भी देशप्रेम की कहानियों से कितनी गहराई से जुड़ते हैं। सनी ने कहा कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे इतिहास को जिंदा रखने का एक जरिया भी है। बंटवारे और आज़ादी के संघर्ष पर बनी फ़िल्में दर्शकों को उनके पुरखों के बलिदान की याद दिलाती हैं, और यही वजह है कि ऐसी फिल्मों का जादू कभी कम नहीं होता।

काक-वाणी की पैनी नजर: क्या आ रहा है कोई नया धमाका?

अब सवाल यह उठता है कि क्या सनी पाजी का यह बयान किसी नए प्रोजेक्ट की तरफ इशारा कर रहा है? ‘गदर 2’ के बाद फैन्स उनके अगले बड़े धमाके का इंतजार कर रहे हैं। ‘काक-वाणी’ का मानना है कि सनी देओल का यह बयान केवल एक इंटरव्यू की बात नहीं है, बल्कि यह आज की पीढ़ी के लिए एक सबक भी है। देखना दिलचस्प होगा कि सनी पाजी अपनी आने वाली फिल्मों के जरिए इस गंभीर विषय को पर्दे पर किस तरह उतारते हैं। आखिर दहाड़ तो सनी पाजी की ही गूंजेगी!


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कागा जी