बजट की जंग: राणा दग्गुबाती ने बॉलीवुड को दिखाया आईना, बोले- ‘हिंदी सिनेमा में अभी भी बहुत पैसा है…’

साउथ और बॉलीवुड के बीच बजट और बॉक्स ऑफिस की जंग तो सालों से चल रही है, लेकिन इस बार ‘बाहुबली’ के भल्लालदेव यानी राणा दग्गुबाती ने इस बहस में एक नया तड़का लगा दिया है। अपनी बेबाकी के लिए मशहूर राणा ने हिंदी सिनेमा के भारी-भरकम बजट पर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। ‘हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने बॉलीवुड के पैसे और उसके इस्तेमाल पर खुलकर बात की।

‘हिंदी सिनेमा में पैसा बहुत है बाबू भैया!’ – राणा दग्गुबाती

इंटरव्यू के दौरान जब राणा दग्गुबाती से हिंदी और तेलुगु सिनेमा के बजट की तुलना करने को कहा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “हिंदी सिनेमा में अभी भी बहुत ज्यादा पैसा है।” राणा का यह इशारा साफ था कि बॉलीवुड के पास संसाधनों और पैसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन खेल इस बात का है कि उस पैसे को खर्च कहां और कैसे किया जा रहा है।

राणा ने समझाया कि अक्सर हिंदी फिल्मों में बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा स्टार्स की फीस और उनके नखरों (तामझाम) में चला जाता है। इसके विपरीत, तेलुगु सिनेमा यानी टॉलीवुड में पूरा फोकस स्क्रीन पर दिखने वाली भव्यता, वीएफएक्स (VFX) और कंटेंट पर होता है। यही वजह है कि साउथ की फिल्में तकनीकी रूप से इतनी मजबूत और देखने में भव्य लगती हैं।

टॉलीवुड बनाम बॉलीवुड: बजट का असली गणित

राणा दग्गुबाती खुद एक बेहतरीन अभिनेता होने के साथ-साथ एक विजनरी प्रोड्यूसर भी हैं। उनका मानना है कि फिल्म मेकिंग केवल एक कला नहीं, बल्कि एक गंभीर बिजनेस है। तेलुगु सिनेमा में प्रोड्यूसर्स बजट का एक-एक पैसा स्क्रीन वैल्यू बढ़ाने में लगाते हैं। ‘बाहुबली’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्मों की सफलता इसी बजट मैनेजमेंट का नतीजा है।

बॉलीवुड में पिछले कुछ समय से ‘स्टार फीस’ को लेकर करण जौहर और अनुराग कश्यप जैसे मेकर्स भी आवाज उठा चुके हैं। राणा ने इसी दुखती रग पर हाथ रख दिया है। उनका यह बयान बॉलीवुड के उन मेकर्स के लिए एक सीख की तरह है जो केवल बड़े स्टार्स के भरोसे करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा देते हैं, और अंत में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर जाती है।

अब देखना मजेदार होगा कि क्या बॉलीवुड राणा दग्गुबाती की इस ‘फ्री एडवाइस’ पर अमल करेगा या फिर ‘पैसा फेंक तमाशा देख’ वाला पुराना ढर्रा ही चलता रहेगा। सिनेमा की हर तीखी और चटपटी खबर के लिए ‘काक-वाणी’ को पढ़ते रहिए!


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कागा जी