नमस्कार दर्शकों! काक-वाणी के ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ विभाग में आपका स्वागत है। आज सुबह जब हम चाय की चुस्की ले रहे थे, तभी हमारे पारिवारिक व्हाट्सएप ग्रुप में एक अत्यंत ही ‘हृदय-परिवर्तनकारी’ संदेश आया। संदेश में चमकीले पीले अक्षरों में लिखा था: “बधाई हो! यूनेस्को (UNESCO) ने व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और सबसे प्रामाणिक विश्वविद्यालय घोषित कर दिया है।”
क्या है वायरल दावा?
इस वायरल संदेश के अनुसार, यूनेस्को के वैज्ञानिकों ने रात-दिन एक करके यह शोध किया है कि जो लोग बिना सोचे-समझे, बिना पढ़े और बिना पुष्टि किए ‘फॉरवर्डेड एज रिसीव्ड’ (Forwarded as received) संदेशों को धड़ाधड़ आगे बढ़ाते हैं, उनका दिमाग सामान्य इंसानों से 500 गुना तेज चलता है। दावे में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि आपने इस संदेश को 11 लोगों को तुरंत फॉरवर्ड नहीं किया, तो आपके फोन का कैमरा ब्लॉक हो जाएगा और आपको अगले जन्म में सिर्फ कीपैड वाला फोन मिलेगा।
काक-वाणी का खोजी फैक्ट चेक
इस सनसनीखेज खबर को देखते ही हमारी काक-दृष्टि एक्टिव हो गई। हमने तुरंत यूनेस्को की आधिकारिक वेबसाइट खंगाल डाली। वहां हमें वैश्विक शांति, शिक्षा और संस्कृति से जुड़े कई बोरिंग दस्तावेज तो मिले, लेकिन ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के इस ऐतिहासिक सम्मान का दूर-दूर तक कोई नाम नहीं था। जब हमने यूनेस्को के काल्पनिक प्रवक्ता से संपर्क किया, तो उन्होंने रोते हुए कहा, “भाईसाहब, हमने सिर्फ ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने का जिम्मा लिया है, इस डिजिटल रायते को समेटने का दम हममें नहीं है!”
ज्ञान का असली पावरहाउस
देखा जाए तो हमारे व्हाट्सएप के ‘चाचा-चाची रिसर्च सेंटर’ और ‘फूफाजी थॉट लेबोरेटरी’ ने ज्ञान के जो नए आयाम स्थापित किए हैं, उसकी बराबरी ऑक्सफोर्ड या हार्वर्ड कभी नहीं कर सकते। जहां नासा (NASA) सालों लगाकर मंगल ग्रह पर जीवन ढूंढता है, वहीं हमारे ग्रुप के एडमिन सुबह-सुबह अदरक-लहसुन के पानी से हर वैश्विक बीमारी का अचूक इलाज खोज निकालते हैं। ₹2000 के नोट में नैनो जीपीएस चिप खोजने वाले इन महान वैज्ञानिकों को तो अब तक भौतिकी का नोबेल मिल जाना चाहिए था।
निष्कर्ष: सावधान रहें, सतर्क रहें!
तो प्रिय पाठकों, इस ‘व्हाट्सएप वायरल फैक्ट चेक’ का अंतिम परिणाम यह है कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी, काल्पनिक और हास्यास्पद है। यूनेस्को ने ऐसा कोई अवॉर्ड नहीं बांटा है। अगली बार जब कोई आपको नींबू और लौंग से कोरोना वायरस भगाने का नुस्खा भेजे, तो उसे ज्ञान की गंगा समझकर डुबकी मत लगाइएगा। फॉरवर्ड का बटन दबाने से पहले अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें, क्योंकि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में कोई एडमिशन फीस नहीं लगती, लेकिन यहां मुफ्त में दिमाग का कचरा जरूर हो जाता है!