यूनेस्को घोषित सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय: व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की दिव्य ज्ञान-गंगा और उसका सच

भारत में उच्च शिक्षा के कई बड़े संस्थान हैं – आईआईटी, आईआईएम और जेएनयू। लेकिन इन सबको पछाड़कर जो विश्वविद्यालय देश के कोने-कोने में, हर सेकंड, बिल्कुल मुफ्त शिक्षा बांट रहा है, वह है – व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी। इसके कुलपति हमारे मोहल्ले के शर्मा जी हैं और डीन हैं मिश्रा जी, जिनका मुख्य काम सुबह उठकर चाय की चुस्की के साथ ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ वाले संदेशों को ब्रह्मांड का परम सत्य मानकर आगे बढ़ाना है।

यूनेस्को का ‘विशेष पुरस्कार’ और नासा की वैज्ञानिक खोज

हाल ही में व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के ‘डिपार्टमेंट ऑफ वाइब्रेशन’ से एक नया शोध पत्र लीक हुआ है। इसके अनुसार, नासा ने पुष्टि की है कि जब भारत के लोग सुबह शंख बजाते हैं, तो अंतरिक्ष से ओजोन परत के छेद अपने आप भर जाते हैं। यही नहीं, यूनेस्को ने भारतीय राष्ट्रगान को दुनिया का ‘सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ घोषित करने के बाद अब हर भारतीय को ‘दुनिया का सबसे बुद्धिमान नागरिक’ होने का डिजिटल सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया है। इस ज्ञान की गंगा में गोता लगाने वाले हमारे फूफा जी ने तो यहाँ तक दावा किया था कि बंद हो चुके २००० के नोट में जो ‘जीपीएस चिप’ थी, वह सीधे मंगल ग्रह पर इसरो के सैटेलाइट से जुड़ी हुई थी। नोट बंद हो गए, पर फूफा जी की चिप आज भी उनके दिमाग में एक्टिव है।

फैक्ट चेक: जब सच से आमना-सामना हुआ

जब हमारी ‘काक-वाणी’ की खोजी टीम ने इस दिव्य ज्ञान का पोस्टमार्टम किया, तो सच्चाई थोड़ी अलग निकली। नासा के वैज्ञानिकों से जब हमने संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने अपना सिर पकड़ लिया। यूनेस्को ने थक-हारकर एक प्रेस रिलीज जारी की है कि ‘भाइयों, हमने ऐसा कोई सर्टिफिकेट नहीं बांटा है, कृपया हमें बख्श दो।’ और रही बात नोटों में जीपीएस चिप की, तो वह चिप सिर्फ फॉरवर्ड करने वालों के दिमाग के ‘शॉर्ट सर्किट’ का हिस्सा थी, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं था।

अंगूठे की रफ्तार और बुद्धि का अंधकार

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के छात्र बिना किसी प्रवेश परीक्षा के सीधे एडमिशन पाते हैं। यहाँ योग्यता का एकमात्र पैमाना है – आपके अंगूठे की रफ्तार। “कृपया इसे इतना फैलाएं कि देश बच जाए” लिखा देखकर हमारे देश के जागरूक नागरिक बिना सोचे-समझे देशहित में उंगलियां चला देते हैं। चाहे वह फिटकरी से कैंसर का इलाज हो या पांच लोगों को मैसेज भेजकर लॉटरी जीतने का चमत्कारी नुस्खा।

काक-वाणी का आज का कड़वा सच यही है कि अगली बार जब आपके इनबॉक्स में कोई ‘चमत्कारी’ वैज्ञानिक दावा आए, तो उसे आगे भेजने से पहले अपने खुद के दिमाग का सर्वर ऑन करें। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी ज्ञान तो मुफ्त में देती है, लेकिन उसके साथ ‘परम मूर्खता’ का सर्टिफिकेट भी मुफ्त में बांटती है। सचेत रहें, अफवाहों से बचें!

कागा जी