राज कपूर से अफेयर की अफवाह, डॉक्टर से प्यार और बॉलीवुड को अलविदा: वैजयंतीमाला की अनकही दास्तान!

बॉलीवुड में जब भी बेहतरीन डांस, ग्रेस और बेमिसाल अभिनय की बात होती है, तो सबसे पहला नाम जो जेहन में आता है, वह है वैजयंतीमाला का। उन्हें हिंदी सिनेमा की पहली ‘फीमेल सुपरस्टार’ का दर्जा हासिल है। उन्होंने अपनी कातिलाना अदाओं और बेहतरीन अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज किया। लेकिन स्क्रीन पर सबको दीवाना बनाने वाली इस खूबसूरत हसीना की निजी जिंदगी किसी सस्पेंस और थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं थी। राज कपूर के साथ अफेयर की अफवाहें, फिर जिंदगी में एक डॉक्टर की एंट्री और अचानक बॉलीवुड को अलविदा कह देना—यह कहानी बेहद दिलचस्प है।

राज कपूर, ‘संगम’ और वो अफवाहें जिसने मचाया हंगामा

साठ के दशक में वैजयंतीमाला का सिक्का बॉलीवुड में खूब चल रहा था। फिल्म ‘संगम’ के दौरान उनका नाम शो-मैन राज कपूर के साथ जोड़ा जाने लगा। मीडिया गलियारों में दोनों के प्यार के किस्से आम हो गए थे। अफवाहें इतनी बढ़ गईं कि राज कपूर की पत्नी कृष्णा राज कपूर ने अपना घर तक छोड़ दिया और बच्चों को लेकर होटल में रहने चली गईं। हालांकि, सालों बाद अपनी आत्मकथा में वैजयंतीमाला ने इन सभी बातों को केवल एक पब्लिसिटी स्टंट बताया था। उन्होंने कहा था कि राज कपूर के साथ उनका ऐसा कोई रिश्ता नहीं था। लेकिन इस हंगामे ने उनकी निजी जिंदगी में काफी हलचल पैदा कर दी थी।

बीमारी के बीच मसीहा बनकर आए डॉक्टर बाली

अफवाहों के इस शोर के बीच वैजयंतीमाला की जिंदगी में असली हीरो की एंट्री हुई। एक बार जब वैजयंतीमाला काफी बीमार पड़ीं, तो उनके इलाज के लिए डॉक्टर चमनलाल बाली को बुलाया गया। डॉ. बाली राज कपूर के भी परिचित थे। इलाज के दौरान डॉक्टर बाली और वैजयंतीमाला के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और जल्द ही यह दोस्ती प्यार में बदल गई। डॉक्टर बाली के सौम्य स्वभाव ने वैजयंतीमाला का दिल जीत लिया और उन्होंने तय किया कि अब वह अपनी जिंदगी डॉ. बाली के नाम कर देंगी।

प्यार के लिए सुपरस्टारडम को कहा हमेशा के लिए अलविदा

साल 1968 में वैजयंतीमाला ने डॉ. चमनलाल बाली से शादी कर ली। शादी के बाद उन्होंने जो फैसला लिया, उसने पूरे देश को चौंका दिया। उन्होंने बॉलीवुड की चकाचौंध को हमेशा के लिए टाटा-बाय-बाय कह दिया। अपने करियर के शिखर पर रहते हुए फिल्मों से संन्यास लेना किसी भी अभिनेत्री के लिए आसान नहीं होता, लेकिन वैजयंतीमाला ने चेन्नई जाकर शास्त्रीय नृत्य और अपने परिवार को समय देना बेहतर समझा।

काक-वाणी के पाठकों, वैजयंतीमाला की यह कहानी साबित करती है कि कभी-कभी जिंदगी में सच्चे प्यार और मानसिक सुकून के आगे दुनिया की सबसे बड़ी शोहरत भी फीकी पड़ जाती है। भारत की इस पहली फीमेल सुपरस्टार का यह साहसिक कदम आज भी इतिहास के पन्नों में दर्ज है।


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कागा जी