व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया ऐलान: ‘गुड मॉर्निंग’ इमेज भेजने से बढ़ती है मोबाइल की उम्र, जानिए असली सच!

सोशल मीडिया, विशेषकर हमारे प्रिय ‘व्हाट्सएप विश्वविद्यालय’ में इन दिनों एक क्रांतिकारी वैज्ञानिक शोध तेजी से प्रसारित हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यदि आप रोज सुबह उठकर अपने रिश्तेदारों को चमकीले फूलों और उगते सूरज वाली ‘गुड मॉर्निंग’ की तस्वीरें नहीं भेजते हैं, तो आपका मोबाइल फोन धीरे-धीरे डिप्रेशन में चला जाता है और उसकी रैम (RAM) कम होने लगती है।

क्या है वायरल दावा?

व्हाट्सएप के ‘पारिवारिक ग्रुप्स’ में घूम रहे इस संदेश के अनुसार, यूनेस्को (UNESCO) और नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने मिलकर एक संयुक्त शोध किया है। इस शोध में पाया गया कि ‘शुभ प्रभात’ वाले संदेशों में एक विशेष प्रकार की ‘सकारात्मक ऊर्जा’ होती है। जब यह ऊर्जा जेपीजी (JPG) या जीआईएफ (GIF) फॉर्मेट में आपके फोन से गुजरती है, तो मोबाइल की बैटरी लाइफ 20% तक बढ़ जाती है। इतना ही नहीं, संदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि जो लोग इस संदेश को 11 लोगों को फॉरवर्ड नहीं करेंगे, उनका व्हाट्सएप अकाउंट आधी रात को हमेशा के लिए ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ हो जाएगा।

काक-वाणी का गहन अनुसंधान और फैक्ट चेक

जब हमारे विशेष संवाददाता ‘कौआ जी’ ने इस दावे की पड़ताल की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सबसे पहले तो नासा के वैज्ञानिकों से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपना सिर पकड़ लिया। नासा के एक वैज्ञानिक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम यहाँ मंगल ग्रह पर जीवन ढूंढ रहे हैं और भारत में लोग ‘गुड मॉर्निंग’ भेजकर मोबाइल की बैटरी चार्ज कर रहे हैं! काश यह तकनीक हमें पहले पता होती।”

रही बात यूनेस्को की, तो वे पहले ही भारत के राष्ट्रगान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित करने की अफवाहों के बाद से सदमे में हैं और उन्होंने व्हाट्सएप संदेशों पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया है।

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की असली क्रोनोलॉजी

दरअसल, इस वायरल संदेश के पीछे असली दिमाग घर के उन फूफाजी और मौसाजी का है, जिनका एकमात्र उद्देश्य सुबह-सुबह सबको जगाना है। जब लोगों ने उनके ‘गुड मॉर्निंग’ संदेशों को इग्नोर करना शुरू किया, तो उन्होंने इस नए ‘वैज्ञानिक’ दावे का आविष्कार कर डाला ताकि लोग डर के मारे ही सही, उनके संदेशों को फॉरवर्ड करें और प्रतिक्रिया दें।

अंतिम निष्कर्ष

काक-वाणी फैक्ट चेक रेटिंग: 100% फर्जी और मनोरंजक।

प्रिय पाठकों, सुबह-सुबह ऐसे संदेश भेजने से सिर्फ आपके फोन का स्टोरेज भरता है, उसकी उम्र नहीं बढ़ती। इसलिए, इस अफवाह से बचें। अगर कोई आपको ऐसा संदेश भेजे, तो उन्हें ‘ज्ञान’ के बदले एक कप गर्म चाय की डिजिटल फोटो भेजकर शांत करें। सुरक्षित रहें, फॉरवर्ड करने से पहले अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें!

कागा जी