क्या आपने कभी सोचा है कि जब हम ‘पंजाब के सरसों के खेत’ या ‘बनारस के घाट’ की कल्पना करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? यकीनन, शाहरुख खान की ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ या फिर ‘रांझणा’ का कोई सीन! आर्किटेक्चर और डिजाइन की मशहूर वेबसाइट ‘ArchDaily’ की एक हालिया रिपोर्ट, ‘Building the India of the Imagination: Cinema and the Making of Place’, ने इसी बात पर से पर्दा उठाया है कि कैसे सिनेमा हमारे लिए एक काल्पनिक भारत का निर्माण करता है।
सिनेमा की नजर से भारत की सैर
यह सच है कि भारतीय सिनेमा ने सिर्फ कहानियां नहीं बेचीं, बल्कि जगहों को भी एक नया रूप दिया है। चाहे वह यश चोपड़ा की फिल्मों में स्विट्जरलैंड की वादियों को ‘भारतीय रोमांस का मक्का’ बनाना हो, या फिर संजय लीला भंसाली की फिल्मों में दिखने वाले विशाल महल। Bollywood Sets केवल लकड़ी और प्लाईवुड के ढांचे नहीं होते, बल्कि वे हमारी आकांक्षाओं और सपनों का ठिकाना होते हैं। ‘काक-वाणी’ के इस खास विश्लेषण में हम देख सकते हैं कि कैसे ये सेट्स हमें एक ऐसे भारत में ले जाते हैं, जो शायद असलियत में उतना भव्य न हो, लेकिन हमारी कल्पना में पूरी तरह सच हो जाता है।
Bollywood Sets: जब काल्पनिक दुनिया बनी हकीकत
आर्किटेक्ट्स और डिजाइनर्स का मानना है कि फिल्मों में जो वास्तुकला दिखाई जाती है, वह दर्शकों के मन पर गहरा असर छोड़ती है। ‘देवदास’ का वो भव्य शीशमहल हो या ‘बाहुबली’ का माहिष्मती साम्राज्य, इन Bollywood Sets ने भारतीय कला और इतिहास को एक नया और ग्लैमरस रूप दिया है। सिनेमा ने इतिहास की पुरानी इमारतों को दोबारा जिंदा किया है। आज जब कोई पर्यटक जयपुर या उदयपुर जाता है, तो वह वहां के असली इतिहास से ज्यादा ‘ये जवानी है दीवानी’ या ‘पद्मावत’ की लोकेशन्स को ढूंढता है।
काल्पनिक भारत और असलियत का फासला
यह समझना बेहद दिलचस्प है कि सिनेमा कैसे हमारे लिए एक मीठा भ्रम पैदा करता है। फिल्मों की यह जादुई दुनिया अक्सर असल भारत की गरीबी, प्रदूषण और भीड़भाड़ को छुपाकर एक बेहद खूबसूरत, रंगीन और शांत भारत पेश करती है। ‘ArchDaily’ के अनुसार, सिनेमा ने शहरों की पहचान को बदला है। मुंबई की चॉल से लेकर दिल्ली की संकरी गलियों तक, फिल्मों ने हर जगह को एक रोमांटिक रंग में रंग दिया है।
तो अगली बार जब आप कोई फिल्म देखें, तो सिर्फ उसके हीरो-हीरोइन पर नहीं, बल्कि उसके बैकग्राउंड और सेट्स पर भी गौर फरमाएं। क्योंकि वो सिर्फ एक सीन नहीं, बल्कि आपके सपनों का भारत है जिसे पर्दे पर बड़ी खूबसूरती से तराशा गया है!
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