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दोस्ती की मिसाल

Title: दोस्ती की मिसाल

विधायक श्री रामेश्वरम ने अपनी गाड़ी लेकर अपने राज्य से दूसरे राज्य में अपने दोस्त के यहां जाते हुए दोस्ती की याद भी नहीं गई थी। दोनों दोस्त बचपन से जुड़े हुए थे और एक दूसरे के साथ हर पल हँसते खेलते रहते थे। उन्होंने एक दूसरे के साथ अपने हँसने-मुस्कुराने के पलों को कभी भूला नहीं था।

जब रामेश्वरम अपने दोस्त के घर पहुंचता है, वहां उसे एक बुजुर्ग आदमी मिलता है, तभी वह जानता है कि उन्होंने अपने दोस्त को हाल ही में खो दिया है। रामेश्वरम बहुत दुखी होता है और उसे दोस्त के लिए बहुत खेद होता है। उसे अपनी दोस्त की याद सताने लगती है और उसे उससे मिलने की आस भी लगती है।

रामेश्वरम के मन में ये सवाल उठते हैं कि उसे अपने दोस्त से कैसे शेयर कर सकता है? उसे क्या कहना चाहिए? क्या वह उसे मिस कर रहा है? ये सब सवाल उसे तकलीफ देते रहते हैं।

अगली सुबह, रामेश्वरम दोस्त के यहां जाता है ताकि वह उसके लिए कई यादें एकत्र कर सके जिन्हें अपने साथ ले जा सके। वह एक लम्बी वार्ता के साथ अपने दोस्त से बात करता है और उससे उसकी यादों को शेयर करता है।

दोस्ती एक ऐसा जादू है जो कभी नहीं टूटता। रामेश्वरम अपने दोस्त को याद दिलाता है कि दोस्ती हमेशा एक तरह से समझदारी होती है। उन्होंने अपनी अनुभूतियों की डायरी से कुछ जोड़कर दोस्त के लिए एक बहुत ही खूबसूरत गिफ्ट तैयार किया जिसे उसने अपने दोस्त को दिया।

उस गिफ्ट में एक ख़त होता है जिसमें रामेश्वरम अपने दोस्त के लिए लिखता है कि दोस्ती को कैसे नए सफ़रों के रूप में देखा जाना चाहिए। उसने अपने दोस्त को याद दिलाया कि दोस्ती हमें आपाधापी में एक साथ जोड़ती है।

दोते-झगड़ते रामेश्वरम अपने दोस्त से फिर मुलाक़ात करता है। दोनों अपने साथ लचीली दोस्ती का मजा लेने लगते हैं।

दोस्ती के ये पल कभी नहीं चलते हैं, वे अपने अनुभवों को टुकड़ों में फाड़ फाड़ कर फिर से हँसना शुरू करते हैं। उन्होंने एक दूसरे के साथ वापसी की तैयारी करनी शुरू कर दी थी।

रामेश्वरम समझता है कि दोस्ती का अर्थ मिलता है कि दो इंसान कुछ हो सकते हैं और वे साथ में हमेशा हैं। वे प्रत्येक कोशिश करते हैं अपने दोस्ती को रिवाइंड करने के लिए।

दोस्ती एक वहम नहीं होती, वह एक सच्चाई है जो वैयक्तिकता, सद्भाव, आपाधापी, विश्वास, यथार्थता और लगाव से पैदा होती है।

रामेश्वरम को यह श्रेणी दिलाती है कि एक सच्चे दोस्त का जीवन एक एंटरटेनमेंट दर्शक का जीवन नहीं होता। एक सच्चा दोस्त हमेशा एक आत्मीय संबंध होता है। वह आपको समय के साथ मिलता है और आपके साथ मरता है।

कागा जी

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