Title: एक गलती के बदले दो जिंदगियाँ
जिन्दगी की कुछ बातें जादुई तरीके से होती हैं। कुछ समय आसान गुज़रते हैं और कुछ अजीब साबित होते हैं। लेकिन इसकी वजह वो होता है जो हमे नहीं पता होता। इस गुजरें समय की खूबसूरत परिक्रमा में हम दो मिडिल एजड कपल भी शामिल होते हैं। उनका नाम सौरव और लतिका होता है। दोनों परिवारों की माने तो सामान्य लेकिन आई.टी. नगरी साइलेंट स्थिति में रहते हैं जहाँ समय का क्या मतलब होता है वो इन दोनों के लिए कुछ अलग होता है। सौरव और लतिका की शादी को तीन साल हो गए थे और अब उनके दो बच्चे भी हो गये थे। जैसे ही दोनों शाम के लिए घर से बाहर निकलते हैं उन्होंने अपने बेटे एवं बेटी के घटनाक्रमिक बग के साथ उनके साथ खुशी से बैठते हुए गंगा घाट की तरफ रवाना हुए धीरे-धीरे अंधेरा छा जाने पर धीमे गानों के समेत बारिश की बुंदों से भरे स्कटर पर उन्होंने कल्पना की की अच्छे से साफ़ वातावरण मे समय बितायेंगे।
हालाँकि, भगवान का सदुपयोग हम सब ने किसी न किसी तरह देखा होगा लेकिन सौरव के समझ मे नहीं आया कि कब उसकी जिंदगी बदलने वाली है। स्कूल से नास्ते के लिए वापस आते हुए वो एक मोटरसाइकिल से टकरा गया जिसके परिणामस्वरूप वो घायल हो गया। सुबह की सुनहारी तस्वीर और सपने अब बदल गयें थे। साप्ताहिक अस्पताल में अवकाश के दौरान अब उसकी स्थिति ठीक होने की पूरी उम्मीद नहीं थी जबकि उसके घर पर बंगला ढली हुई रहती है।
उनकी प्रेमिका और अब उनकी बीवी मिलकर जवाब ढूंढते हुए अपनी नई जिंदगी के लिए तैयार होती हैं लेकिन सौरव की आंखें अभी भी यहां वहां घूमती हुए एक सचाई के खोज में थीं। उन्होंने कई मुश्किल से अपनी तरह समाज को गोद डके देख रखा था और इस दौरान से कोई हाई पैद जॉब और सेविंग्स भी नहीं होंगे। आखिर कभी सोचा नहीं था कि उनका एक पसंदीदा काम उसकी सारी जिंदगी बदल देगा। अवसर का एक क्षण सर्वोच्च तत्व पेश करता है।
एक दिन अस्पताल में एक अपरिचित व्यक्ति ने उन्हें सुझाव दिया कि इन संदेहों को दूर करने के लिए आप कहीं काम कर सकते हैं। वो एक हवाई उड़ान संवृद्धि को शुरू करने की कल्पना करते थे। संसाधनों की कमी को समझते हुए, उन्होंने अपनी पत्नी से मदद की अब साथ मे मेहनत करेंगे। उस दिन उनके लिए अस्पताल से बाहर निकलने का एक मकसद था।
परिणामस्वरूप, सौरव और उनकी पत्नी सुसज्जित हो गए और एक चंडीगढ़ में हवाई उड़ानों के लिए स्कूल शुरू कर दिया। अगले अद्याय में, यह सफल होता है। सौरव अब उस दिन का जिक्र करके मुस्कुराते हुए बताता है जब वो उन लोगों को जा रहे थे जो उन्हें जड़ से खत्म कर देते।
वो अब एक सफल उद्यमी और हवाई उड़ानों के एक परिचय तकनीकी अभियंता बने। उन्होंने अपनी जिंदगी और अब उनकी पत्नी की जिंदगी का जादुई साबित कर दिया था। एक मुश्किल का दमन किए बिना वे उभरना सीख गए थे और इस तरह एक गलती के कठिन बदले में दो जिंदगियाँ थीं – उनकी जिंदगी और उनकी पत्नी लतिका की जिंदगी।