Title: बच्चों के संगीत का अंत
एक समय की बात है, जब सभी लोगों का लोकप्रिय मनोरंजन मूसिक था। बच्चों के भी समय बड़े संगीत प्रतियोगिताओं को देखते देखते बीत जाता था। हर बच्चा माने या न माने, अपने अंदर कुछ न कुछ सुन्दरता, अभिव्यक्ति और भावनाएं छिपाये हुए होते थे। ये बच्चे न केवल संगीत में होते थे बल्कि वे बातचीत, रंगमंच, खेल, शिक्षा और कई और क्षेत्रों में भी अमिट थे।
इन सभी बच्चों के बीच एक संगीत समूह भी था, जिसके नेतृत्व एक बुजुर्ग संगीतकार करता था। संगीतकार जो इस संगीत समूह के नेतृत्व करता था उसका नाम था मेहरू बहन पाटील। मेंहरू बहन एक ऐसी महिला थीं जो संगीत के प्रति बहुत आकर्षित थीं और उन्होंने अपनी यही संगीत पासंदी को अपनी पूरी करियर का रूप देने का फैसला किया था।
उन्होंने संगीत विभाग में नौकरी की थी लेकिन जब वह एक आदर्श स्थापित करना चाहती थीं तो उन्होंने इस संगीत समूह का गठन किया और उन्होंने इस समूह के सभी बच्चों को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया।
मेहरू बहन के नेतृत्व में बच्चों ने गाया, ठहाका बजाया और अलंकारों को सही माप से गाते रहे। वह भी बच्चों के साथ संगीत में समय बिताने के लिए तैयार हो गई थीं। परंतु एक दिन जब उन्होंने समय संचालित करने वाली मशीन खराब हो गई, तब सब बिगड़ गया।
दूसरे दिन समूह में बच्चों के कुछ खतरे वाले कार्य होने वाले थे। हर बच्चे को अलग-अलग समय मिला था, जिसका मतलब था कि समय पूरे समूह के लिए नहीं था। मेहरू बहन इस समय को संचालित कर रही थी लेकिन इस बार बच्चों की खुशियों की पहले जैसी कोई खुशी नहीं थी।
एक दिन सहनशक्ति की सीमा पार कर चुके मेहरू बहन ने बस में सीट पर बैठ लिया। उन्होंने सोचा कि सभी बच्चों के अभाव में उन्हें और क्या संभालेगा। वे अपने आधार पर अपनी पढ़ाई पूरी कर लिखने में अभीत प्रतीत होने लगीं।
इस समय संगीत समूह बहुत निराश हुआ और संगीत के मद्देनजर वे समूह बंद करने के सोचने लगे। इस बात से मेहरू बहन का दिल टूट गया। वो संगीत से प्यार करती थीं और वो बच्चों के साथ अपना वक्त बिताकर परिणामों से बच्चों की खुशी देखती थीं। उन्हें गुस्सा आता था कि ऐसे में ये संगीत समूह बंद हो जाएगा।
एक दिन समस्या की एक राहत उन्हें मिली। वे एक फोन कॉल से जागरूक हो गईं। फोन कॉल उन्हें उनके पास कुछ विराट संगीतकारों के संगीत के संग्रह का पटाका हाथ में लेने के लिए था। वे उसे देखकर रूठे हुए बच्चों की खुशी सोचते हुए उसे संगीत समूह के सदस्यों के सामने रखती हुई एक मीटिंग नियुक्त की।
जैसे ही समय के साथ समय के साथ संगीत समूह के सदस्यों की संख्या बढ़ती गई, इस संगीत समूह ने अधिक उचित ऊर्जा की स्थापना की। बच्चे ऐसे गाते रहे कि सब नाचने लगे। मेहरू बहन के हृदय में पहली बार दुख का पर्दाफाश हुआ था।
संगीत समूह के सत्ता को ताकत मिलने के साथ-साथ, बेहतरीन प्रतिस्पर्धा के लिए भी आत्म-विश्वास मिला। बच्चों को अपना समय मिल गया और वे फिर से सबसे बढ़िया आवाजों के साथ अपनी अभिव्यक्तियों को दिखाने लगे। मेहरू बहन के दिल में खुशी की थी कि बच्चों ने और उच्च स्थानों पर संगीत को पहुंचाने वालों ने उन बच्चों की आवाजें और भावनाएं सुनी थीं।
जब सब कुछ थीक हो रहा था, तब संगीत समूह में फिर से समस्याएं शुरू हो गईं। इस समय समूह के सदस्य नहीं थे, लेकिन बच्चों में से एक एक ने रोते हुए सहानुभूति जताई। अब समय के साथ समय के साथ मेहरू बहन ने अपने संगीत समूह के सदस्यों को शिक्षित करने के लिए अधिक प्रबंध किए और बच्चों की यौनी विकास में मदद करने के लिए और उन्हें सक्षम बनाने के लिए मुहैया कराने के लिए संगीत समूह की ऐसी कई नीतियों को लागू किया गया। बच्चों के अभिव्यक्ति का नया स्तर स्थापित किया गया, वे संवाद, विषय और अहसास जनते थे कि वे दूसरों की तरह हैं।
आखिरकार, प्रीमियम संगीत समूह सुनने योग्य गुणवत्ता और मेहरू बहन के नेतृत्व में उनके संगीत समूह अपने अंत के प्रति गंभीर थे, इस कथा का एक बार फिर से प्रस्तुत होने के साथ।