मित्रों, राजनीति में सबसे बड़ा दुख क्या है? चुनाव हार जाना? नहीं। भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसना? बिल्कुल नहीं। राजनीति का सबसे बड़ा दुख यह है कि जब आप खुद ‘सिस्टम’ बन जाएं और आपके पास कोसने के लिए दुश्मनों की कमी हो जाए। ‘काक-वाणी’ के इस विशेष अंक में आज हम इसी गंभीर राष्ट्रीय संकट पर छाती कूटने बैठे हैं। हमारे परम आदरणीय प्रधानमंत्री जी, जो कभी खुद को दिल्ली के लुटियंस जोन का ‘आउटसाइडर’ बताकर आए थे, आज खुद उस किले के सबसे बड़े अधिष्ठाता बन चुके हैं। दस साल शासन करने के बाद अब संकट यह है कि ‘दुश्मनों की कमी’ हो गई है और नए विलेन बाजार में मिल नहीं रहे हैं।
नेहरू से लेकर पाकिस्तान तक: सब ‘इस्तेमाल’ हो चुके हैं
एक जमाना था जब भाषण की शुरुआत होते ही पंडित नेहरू स्वर्ग में भी असहज हो जाते थे। देश में बारिश न हो तो नेहरू जिम्मेदार, अर्थव्यवस्था सुस्त हो तो नेहरू का दोष। लेकिन अब बेचारे नेहरू भी इतिहास के पन्नों में थक चुके हैं। उधर हमारे प्यारे पड़ोसी पाकिस्तान की हालत खुद ऐसी हो चुकी है कि उसे कोसने में अब वो थ्रिल नहीं रहा; वह खुद आटे की बोरी के लिए लाइन में लगा है। ऐसे ‘कंगाल’ दुश्मन को कोसने में वह स्वैग कहां? अर्बन नक्सल, टुकड़े-टुकड़े गैंग, खान मार्केट गैंग… इन सभी ब्रांड्स का इतना ओवर-यूज हो चुका है कि अब ये घिस चुके हैं।
जब भाषण लेखकों को नहीं मिल रहा ‘नया विलेन’
काक-वाणी के खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन दिनों पीएमओ के भाषण लेखकों के बीच भारी तनाव का माहौल है। वे सिर पकड़कर बैठे हैं कि आखिर इस बार की रैलियों में महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक का ठीकरा किस पर फोड़ा जाए? जब आप खुद ही दस साल से पूर्ण बहुमत की सरकार चला रहे हों, तो यह कहना मुश्किल हो जाता है कि ‘कांग्रेस काम नहीं करने दे रही’। अब तो गठबंधन सरकार की मजबूरी भी है, तो सहयोगियों को भी सीधे खलनायक नहीं बनाया जा सकता।
संभव है कि आने वाले दिनों में भाषणों के लिए कुछ नए वैश्विक दुश्मनों की खोज की जाए। जैसे- ‘अंतरिक्ष के एलियंस जो भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह में रोड़ा अटका रहे हैं’ या फिर ‘बादलों की अंतरराष्ट्रीय साजिश’। खैर, जब तक कोई नया दुश्मन नहीं मिलता, तब तक देश की जनता को ‘नेहरू-गांधी’ परिवार के पुराने गानों पर ही ताली बजानी होगी। आखिरकार, आत्मनिर्भर भारत में दुश्मनों के मामले में हम आयात पर निर्भर नहीं रह सकते, हमें जल्द ही नए ‘स्वदेशी विलेन’ ईजाद करने होंगे!
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