जोश
एक समय की बात है, जब किसी शहर में एक सफल व्यापारी रहता था। उसका नाम जोश था। वह अपने काम में बहुत ही समझदार था, जो काफी उसके व्यापार को तेजी से बढ़ावा दे रहा था। उसका बिज़नेस हर कोई पसंद करता था और उसे बढ़ने का कोई हद नहीं था।
एक दिन उसने अपने बिज़नेस का एक नया प्लान बनाया और उसे देखकर उसका गहना इतना बढ़ गया कि उसके अपने मित्र भी चौंक गए। उनके मित्र ने उससे पूछा, “हमें तो आपका बिज़नेस बहुत ही अनोखा लगता है, लेकिन क्या आपको ऐसे जानवरों के लिए नहीं डर लगता?” जोश हंसकर बोला, “हाँ, मेरा दिमाग अभी तक इतना बड़ा नहीं हो गया है कि आप जेल में फंसे जानवरों से नहीं डरता हूं। लेकिन अगर मैं आज ये सोचूंगा कि कहीं कुछ गलत नहीं हो जाएगा तो मुझे अभी न पता चलेगा कि मैंने कब डरना बंद किया था।”
उस रात जोश अपने आवास पर रोज़ की तरह सोने के लिए लेट गए। लेकिन कुछ ही देर बाद उसने एक महीने के घमंड के बाद अपनी निद्रा को तोड़ा और सोचने लगा, “अगले दिन हमेरे ज़मीनदार का हुआ मीटिंग था, उसने हमारे कारोबार के बारे में कुछ सुझाव दिए थे। परन्तु में चाहता हूं कि मैं और ज़्यादा सोचूं और इस बिज़नेस में आने वाली हर बात को ध्यान से देखुं और उसके लिए सही रास्ता चुनूं।”
जोश अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए दैनिक काम से परे हो चुका था और इसी के कारण उसे अपनी नींद के लिए एक अलग से समय बीताने की आवश्यकता पड़ गई। उसे परख और समझोते के लिए वह अधिक वक्त बिताने लगा। अधिक सोचने से उसे कुछ नए आइडियाज आये जो उसके बिज़नेस को आगे बढ़ा सकते थे। उसके हाथों में नयी शक्ति आ गई थी।
अगली सुबह उसने बहुत सोच-विचार करके बहुत बड़े फैसले लिए। कुछ दिनों के बाद, उसने नए प्रोडक्ट और सेवाओं के लिए अपनी धुरी केवल यूनिक इमेज को ही इस बार नहीं अलग-अलग इमेज बोल के बनाई। जमिनदार ने उसे उसके नए प्रोडक्ट के लिए बढ़ा केवल एक साल को देते हुए कहा।
वह थोड़ी देर के लिए चकित था लेकिन उन्होंने इस उनीक क्रिएटिव को इस लहरी मे नहीं होने दिया। उसकी प्रतिस्पर्धा के मुकए पर वह बड़ा समपन्न हो गया था. अब वह चाहता था कि उसका बिज़नेस एक नई ऊँचाई पर पहुँचे।
जोश ने अपनी नई ईबुकों में एक नई बात जोड़ी। इस नई बात की वजह से उसके बिज़नेस में बहुत ही तेजी आई। उसकी वायरल मार्केटिंग की अचुक सोच उसे इतनी सफलता दे रही थी कि उसे अपने व्यापार के लिए नए नोटेबुक पैशे नहीं देने पड़े।
जोश सब बातों तक ध्यान देने लगा, और वह अपनी व्यवसायिक प्रतिभा की गंभीरता में विश्वास रखता था। नए-नए आइडिया और नए प्रोडक्टों की शुरूआत उसने मजबूती के साथ की। इससे उसे अधिक सफलता मिली और वह अपनी सफलता का लुत्फ बहुत ही खुले दिमाग से उठाने लगा।
तीसरे साल में वह एक एक नए-नए उत्पाद और सेवाओं की शुरुआत की थी और उसने अपने व्यापार को नए स्तर पर बनाने के लिए निखर्ता किया। नए बोलितिंग और जोश के साथ वह अपने बाजार के लिए नए-नए रास्तों का पता लगा रहा था जिससे उसे अधिक सफलता मिली थी।
आज हमें अकेले वह बिज़नेस मंदिर पर बैठे देखते हुए सेकेंड्स से भी तेजी से हमारे साथ चलते हुए मंदिर के बाहर पहुँच गए। वह परफेक्ट बॉस होने के साथ साथ वह एक बहुत ही स्मार्ट और सुदृढ़ व्यक्तित्व था।
जोश ने धीरे-धीरे यह सब सीख लिया था। बॉस बनने का सफर हमेशा कठिन होता है, कुछ लोग नफरत करते हैं, कुछ मरते हैं, कुछ नौकरी छोड़ते हैं, पर फिर भी ये सब जीतने वालों के लिए महत्वपूर्ण विस्तृत मार्ग देते हैं जो इस व्यापार जगत में बहुत ही ज़रूरी हैं।
इस अनुभव से हम यह सीख सकते हैं कि अगर हम अपने अंदर की शक्ति और निष्ठा से प्रेरित होते हैं तो हम कुछ भी पा सकते हैं। जोश ने भी इस सीख का पूरा लाभ देखा और इसी के साथ अपने स्वप्नों को हासिल करने के लिए आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास किया।