हमारे देश में दो तरह के विश्वविद्यालय हैं। एक वो जहां लोग सालों तक घिसकर डिग्री लेते हैं, और दूसरा ‘WhatsApp यूनिवर्सिटी’, जहां सुबह की पहली ‘गुड मॉर्निंग’ चाय के साथ ही ज्ञान की मानद उपाधि मुफ्त में मिल जाती है। ‘काक-वाणी’ के इस विशेष बुलेटिन में आज हम करेंगे उन वायरल दावों का पोस्टमार्टम, जिन्हें सच मानकर हमारे फूफाजी और ताऊजी ग्रुप्स में डिजिटल क्रांति ला रहे हैं।
दावा नंबर 1: यूनेस्को ने भारतीय समोसे को घोषित किया ‘सर्वश्रेष्ठ वैश्विक नाश्ता’
हर तीन महीने में एक खबर वायरल होती है कि यूनेस्को (UNESCO) ने भारत के राष्ट्रगान को दुनिया का सबसे बेहतरीन राष्ट्रगान घोषित किया है। कभी-कभी तो हद ही हो जाती है, जब दावा आता है कि यूनेस्को ने भारत के समोसे को ‘सर्वश्रेष्ठ वैश्विक नाश्ता’ घोषित कर दिया है। सच तो यह है कि पेरिस में बैठे यूनेस्को के अधिकारियों को शायद यह भी नहीं पता होगा कि भारतीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में उनके नाम पर कितनी फाइलें रोज पास होती हैं। यूनेस्को का काम सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजना है, न कि हर नुक्कड़ की दुकान को सर्टिफिकेट बांटना। इसलिए अगली बार जब ऐसा कोई मैसेज आए, तो यूनेस्को के अधिकारियों को थोड़ा आराम करने दें।
दावा नंबर 2: नासा ने अंतरिक्ष से सुनी ‘ॐ’ की आवाज और लहसुन के चमत्कार
नासा (NASA) के वैज्ञानिक दिन-रात दूरबीन लगाकर एलियंस ढूंढ रहे हैं, लेकिन हमारे व्हाट्सएप रिसर्चर्स के अनुसार, नासा वाले सिर्फ यह देखने के लिए बैठे हैं कि भारत के किस कोने में क्या चमत्कार हो रहा है। दावा किया जाता है कि नासा ने सूर्य की आवाज रिकॉर्ड की और उसमें से ‘ॐ’ की ध्वनि सुनाई दी। वैज्ञानिक अभी इस बात पर सिर खुजला ही रहे थे कि दूसरा दावा आ गया- “रात को तकिये के नीचे लहसुन रखकर सोने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है, नासा ने इसकी पुष्टि की है।” बेचारे नासा वाले सोच रहे होंगे कि अंतरिक्ष विज्ञान छोड़कर उन्हें अब लहसुन-प्याज की आढ़त ही खोल लेनी चाहिए।
दावा नंबर 3: ग्यारह लोगों को भेजें, शाम तक मिलेगी ‘गुड न्यूज’
यह इस यूनिवर्सिटी का सबसे पुराना और अचूक ‘धार्मिक ब्लैकमेल’ वाला नुस्खा है। “इस संदेश को तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम तक कोई बड़ी खुशखबरी मिलेगी। अनदेखा करने पर मोबाइल की स्क्रीन टूट सकती है।” इस डर से लोग बिना सोचे-समझे इसे फॉरवर्ड कर देते हैं। हकीकत यह है कि इसे भेजने से केवल एक ही ‘गुड न्यूज’ मिलती है- आपके दोस्त आपको ब्लॉक कर देते हैं और आपका इंटरनेट डेटा जल्दी खत्म हो जाता है।
निष्कर्ष: फैक्ट-चेक का कड़वा घूंट
प्रिय पाठकों, अंगूठा चलाने से पहले दिमाग का बटन ऑन करना बेहद जरूरी है। हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती, और हर फॉरवर्डेड मैसेज सच नहीं होता। अगली बार जब ज्ञान की ऐसी कोई गंगा आपके इनबॉक्स में बहे, तो उसमें डुबकी लगाने से पहले ‘काक-वाणी’ का यह मंत्र याद रखिएगा- “भेजने वाले को ज्ञान हो न हो, पर आपको अक्ल जरूर होनी चाहिए।”