व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का ‘परम ज्ञान’: नासा के वैज्ञानिकों से लेकर यूनेस्को के ‘अवॉर्ड’ तक का महा-सत्य

स्वागत है आपका दुनिया की सबसे बड़ी, बिना किसी फीस और बिना किसी बिल्डिंग वाली संस्था में—‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’! यहाँ एडमिशन लेने के लिए आपको किसी परीक्षा की जरूरत नहीं है, बस आपके फोन में डेटा और अंगूठे में ‘फॉरवर्ड’ दबाने की असीम ताकत होनी चाहिए। फिर क्या, आप रातों-रात न्यूक्लियर साइंटिस्ट से लेकर आयुर्वेद के महाज्ञाता बन सकते हैं।

नासा की उड़ी नींद और यूनेस्को का नया ‘अवॉर्ड’

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का सबसे पसंदीदा विषय है—‘नासा और यूनेस्को’। हर दूसरे महीने खबर आती है कि यूनेस्को ने भारत के राष्ट्रगान को “दुनिया का सबसे बेहतरीन राष्ट्रगान” घोषित कर दिया है। यूनेस्को बेचारों को खुद नहीं पता कि उन्होंने कब यह अवॉर्ड दिया, लेकिन हमारे फैमिली ग्रुप्स के ‘अंकल जी’ इसे 20 लोगों को भेजकर देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट चुके होते हैं।

दूसरा महा-ज्ञान सीधे नासा की लैब से ‘लीक’ होता है। दावे किए जाते हैं कि नासा के वैज्ञानिकों ने सूरज की आवाज रिकॉर्ड की तो उसमें ‘ओम्’ की ध्वनि सुनाई दी। इतना ही नहीं, कढ़ाई में हल्दी भूनने से परमाणु रेडिएशन रुकने का ‘शोध’ भी इसी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तैयार करते हैं।

फैक्ट-चेक: सुबह की चाय और खाली दिमाग का खेल

अब आते हैं कड़वे सच यानी हमारे फैक्ट-चेक पर। असलियत यह है कि इस अद्भुत ज्ञान की जननी नासा या यूनेस्को नहीं, बल्कि सुबह की चाय पीते हुए किसी ‘फ्री इंसान’ की कल्पना होती है। यूनेस्को ने खुद कई बार आधिकारिक रूप से कहा है कि वे किसी भी देश के राष्ट्रगान को ‘सर्वश्रेष्ठ’ का टैग नहीं देते।

वहीं नासा की बात करें, तो विज्ञान कहता है कि अंतरिक्ष में निर्वात (vacuum) होता है, जहाँ ध्वनि तरंगें यात्रा ही नहीं कर सकतीं। तो नासा को आवाज कहाँ से सुनाई दी? शायद व्हाट्सएप के नोटिफिकेशन टोन से!

‘फॉरवर्ड’ बटन दबाने से पहले सोचें

व्हाट्सएप पर मिलने वाले ’10 लोगों को भेजो वरना शाम तक बुरी खबर मिलेगी’ वाले संदेशों से दुनिया का तो कुछ नहीं बिगड़ता, लेकिन भेजने वाले की समझदारी पर सवाल जरूर उठ जाता है। अगली बार जब आपके पास मैसेज आए कि ‘कच्चा प्याज जेब में रखने से 5G का असर नहीं होता’, तो तुरंत समझ जाइए कि यह व्हाट्सएप के किसी स्वयंभू वैज्ञानिक की लीला है।

काक-वाणी की सलाह: फर्जी खबरों के इस दौर में असली ज्ञान वही है जो तर्क की कसौटी पर खरा उतरे। अपने अंगूठे को थोड़ा विश्राम दें, खबरों का फैक्ट-चेक करें और इस महा-यूनिवर्सिटी के झांसे से बाहर निकलें!

कागा जी