अरे वाह! दिल खुश हो गया यह खबर पढ़कर। ‘द इंडिया फोरम’ की रिपोर्ट का पावन संदेश है कि भारत के युवा प्रदर्शनकारी हमारे गणतंत्र को ‘रीक्लेम’ यानी वापस हासिल कर रहे हैं। काक-वाणी के इस घोंसले से इन महान क्रांतिकारियों को सहृदय नमन! आखिरकार, 15-सेकंड की इंस्टाग्राम रील बनाने और ट्रेंडिंग हैशटैग चलाने के बीच देश को बचाने का समय निकाल लेना कोई बच्चों का खेल तो है नहीं।
रील्स से क्रांति का शंखनाद
ज़रा कल्पना कीजिए, गणतंत्र खतरे में पड़ा हुआ कहीं सिसक रहा था और अचानक हमारे देश के तेजस्वी नौजवानों को ख्याल आया— “चलो, आज दोपहर को थोड़ा प्रोटेस्ट कर लेते हैं, शाम को तो कैफे जाना ही है!” एक हाथ में आईफोन और दूसरे में ओट-मिल्क लैट लेकर जब ये सूरमा सड़कों पर उतरते हैं, तो सत्ता के गलियारों में सन्नाटा छा जाता है। आखिर 4K रेजोल्यूशन में रिकॉर्ड की गई क्रांति का असर ही अलग होता है।
अब गणतंत्र को बचाने की प्रक्रिया भी काफी आधुनिक और सुविधाजनक हो चुकी है। पहले के ज़माने में लोग जेल जाते थे, लाठियां खाते थे। अब? अब बस एक बढ़िया सनग्लास पहनकर, सुलेख वाले पोस्टर के साथ सेल्फी लेनी है। पोस्टर पर लिखा होना चाहिए— “माय डेमोक्रेसी, माय वाइब”। बस, हो गया लोकतंत्र रीक्लेम! अगर गलती से पुलिस की वाटर कैनन आ गई, तो समझो क्रांति का ‘पार्ट-2’ रील फॉर्मेट में वायरल होना तय है।
नेताओं की नींद और चाय की चुस्की
दूसरी तरफ, हमारी सरकार और राजनीतिक पार्टियां भी कम ड्रामेबाज़ नहीं हैं। सत्ताधीशों को लगता है कि इन 20 साल के कॉलेज छात्रों के पीछे किसी ‘अंतरराष्ट्रीय टूलकिट’ का हाथ है, जो एक कटिंग चाय और समोसे के दम पर देश की नींव हिला रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी नेता इन मासूमों के कंधों पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक बैटरियां चार्ज करने की फिराक में रहते हैं। “युवा ही देश की आत्मा हैं” का ज्ञान बांटकर अपनी गिरती टीआरपी संभालना नेताओं का सबसे पुराना नुस्खा है।
काक-वाणी का तो स्पष्ट मानना है कि हमारा गणतंत्र पूरी तरह सुरक्षित हाथों में है, जब तक कि देश में अनलिमिटेड 5G डेटा और चाय की टपरी मौजूद है। यह रीक्लेम करने वाली क्रांति तब तक ही जीवंत है, जब तक कि कॉलेज के सेमेस्टर एग्जाम शुरू नहीं हो जाते या फिर इंस्टाग्राम का सर्वर डाउन नहीं हो जाता।
इसलिए, प्रिय देशवासियों! निश्चिंत होकर सो जाइए। जब तक युवाओं के पास वाई-फाई का कनेक्शन है, भारत का गणतंत्र रोज शाम 6 से 9 बजे के बीच ‘पुनर्स्थापित’ होता रहेगा!
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