एक जादूगर की कहानी | The Story of a Magician
एक छोटे से गांव में रहने वाले लड़के ने अपनी बचपन से ही जादू करने का शौक रखा था। उसने अपनी नैतिक शक्तियों का इस्तेमाल करके कुछ तोड़-फोड़ करने की कोशिशें तो कई बार की थी, पर वह अपनी माँ की लाड़ली थी, जो कड़ी मेहनत करके जिंदगी का कोई न कोई रास्ता खोजती रहती थी। इसीलिए उसके पिता ने उसे लगातार जीवन सचेत रहने की सलाह दी।
एक दिन गांव में एक महाराज आया। उसने शाम के समय ग्रामीणों से सहयोग करने के नाम पर कुछ उपहार वितरित करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों में जादूगर का सामान्य शौक नहीं होता लेकिन उस लड़के का जादू का शौक घरोंदा नहीं जानता था। वह उस महाराज से मिलने गया और बस एक नज़र में उसने समझ लिया कि वह जादू करने वाला है।
उसके मन में एक विचित्र योजना बनी, उसने अपने जादू का प्रदर्शन करने के लिए निचले ग्रामीणों के साथ-साथ अपने ग्रामीण दोस्तों को भी मंच पर बुलाया और उन सबको बैठाया। ऊपर से, वह नजरअंदाज करता हुआ महाराज के सामने बैठ गया।
करीब एक घंटे तक जोरदार जादू करने के बाद, जब उसने अपने जादुई झंडे के सामने से एक रोटी निकाली, तो महाराज के मुँह से ज्ञानवर्धकों से भरी कुछ बातें सुनने को मिलीं।
“बहुत सारे जादूगर होते हैं, पर उनमें से एक ज्ञानी भी होता है जो प्रतिभा इस्तेमाल करते हुए समझदार दृष्टिकोण दिखाता है।” बताते हुए महाराज ने उस लड़के के बाजुओं में बैठकर उससे कहा, “क्या तुम जानते हो कि ज्ञानवर्धक कौन होते हैं?”
उस समय, लड़का को नहीं पता था कि ज्ञानवर्धक कौन होता है। अगले कुछ दिनों के बाद, वह एक जादूगर से मिलने के लिए मना नहीं कर पाया, और उसने अपने दोस्तों को संग लेकर उस जादूगर के पास चला गया।
जादूगर ने लड़के को उससे संबंधित बहुत सारी बातें बताईं और उसे ज्ञानवर्धक की पहचान करने का तरीका सिखाया। लड़का ने उसे धन्यवाद दिया और वह उसे गांव लेकर आया।
अपने नए सीखे अनुसार, जब वह एक नई चुनौतीके सामने खड़ा हुआ, उसने उसतीर्ष दृष्टिकोण से चाहा। इससे पहले कि कोई उससे पूछ सके कि ज्ञानवर्धक कौन होते हैं, वह उत्तर देने के लिए तैयार था, और उसे महाराज के सामने पेश कर दिया।
उस दिन से, लड़का की जिंदगी बदल गयी। वह जादूगर नहीं हुआ, पर एक सफल समझदार व्यक्ति बन गया था और तब से उसने जब भी किसी दूसरे संप्रदाय और संस्कृति से मिलने भेजा जाता है, वह हमेशा उसे एक नया उदेश्य प्राप्त करता था।
उसने अपने आप को एक नए संसार में ले जाकर एक नयी संस्कृति अनुभव की और अंत में उसने एक उसुलाहत को प्राप्त किया, जिससे उसे यह आदत हो गयी कि हमेशा कुछ नया सीखता रहें और उसे सभी को मानता है।
हमें हमेशा कुछ नया सीखना चाहिए। हमें हमेशा सही सीखने की कोशिश करनी चाहिए। अपनी शक्तियों और प्रतिभाओं का उपयोग करना हमेशा सही होगा।