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आखिरी विदाई

दिन ढल रहा था, सूरज थोड़ा सा सामने से नीचे गिरने वाला था और एक सुंदर सावन की शाम थी। डॉ अभिषेक चंद्र अपने आखरी रात पॉलीटेक्निक कॉलेज में था। दुनिया अब बड़ी हो जाएगी।

उसने अपनी सोच में खो जाने के लिए मुश्किल समयों से गुजरना था। जब तक वह अपने कार्यक्रम को पूरा नहीं करता है, तब तक उसे अपनी मान्यता हासिल नहीं हो सकती थी।

उसने देखा कि उसके फाइल का साइड टेबल पर रखा हुआ है। वह सोचा कि उसे कल सुबह जल्दी आवश्यक चीजों को एकत्रित किया जाना चाहिए। वह एक गहना श्लोक के साथ सोचता है: जब तक आप कुछ करते नहीं हैं, कुछ नहीं होता है।

दोपहर के दो बजे, उसके सहसंग ने उसे संदेश भेजा कि उसके खाते में रुपए डाल दिए जा रहे हैं। वह थोड़ी देर चिंतित था और साख रखने के लिए कुछ नहीं था।

उसके अंतिम दिन के लिए एक ज्ञापन था। उस दिन, उसके परिवार के सदस्य और उसके दोस्त सभी मौजूद थे। उसे फर्श से अलग कर दिया गया और एक खास चिह्न बालों में अंकित किया गया।

उसको विदाई दी गई थी। वह अपनी कार्यहीन जिंदगी को और भी उजागर करना चाहता था लेकिन आज तक वह भटक रहा था। उसकी परवाह किए बिना उसके महसूस होने का समय था। उसे लगा कि यह बैठा हुआ था।

उसने माना कि न कि वह कमजोर हुआ था। संग अपने अंतिम किसी वर्ष के गृह अध्ययन से उसकी सोच में नई चिलचिलई सी थी। उसके हाथ में उपहार और बहुत सारे दुआ दिए जा रहे थे।

उसके फेयरवेल में, उसके प्रोफेसर ने उसे कुछ चीजें ली और उसे उनका इस नए संसार में अपने घर में उम्मीद करते हुए दे दिया। वह एक लड़ाई में शामिल होने जा रहा था।

उसने अपने पुराने दोस्तों से मिलना शुरू कर दिया। वह एक रात भटकते रहे और अधिक से अधिक पीछा नहीं करता था।

एक संगमरमर का अग्ग्रेसिव स्थान, जिसमें लोग लिखते थे, उसके दोस्तों की मदद कर सकता था। वह उसे अपनी जिम्मेदारी का अहसास था।

उसके अंतिम दिन में, उसने सोचा कि वह कुछ करना चाहता है, लेकिन उसके पास कुछ नहीं था। वह बस यह सोच रहा था कि वह कुछ नहीं कर पाया।

उसने कोई बुद्धिमान कदम नहीं उठाया। उसे धीमी लाइट में यादों के साथ लम्हों का का संग्रह एक छोटी सी बुनियाद में डालने की आवश्यकता है।

उसने एक होटल में जगह ली। वह समय पर उठ नहीं सका। जब तक वह अपनी शुरुआत नहीं करता है, तब तक वह कुछ नहीं कर सकता।

वह अपने द्वारा लिए गए अमेरिकी संस्कृति के अनुसार अधिक संरक्षित होने का एक प्रयोग कर रहा था। उसने अपने बिना कुछ नहीं किए हुए अंतिम स्रोत का प्रयोग किया था।

उसने आखिरी बार वादा किया कि वह शुरू करेगा। बहुत सी आशाएं और इच्छाओं के साथ, वह अपनी अगली उड़ान भरने के लिए तैयार था।

कुछ अन्य दिनों बाद, वह अमेरिकी संस्कृति के कार्यक्रमों में शामिल हुआ था। उसमें उस दृश्य की महत्ता है।

वह समय समय पर अपने आप को रखता है जो उसे अगली कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है। उसने उस दिन का हर पल किसी तरह दबोच लिया था।

वह अपने सपनों की दुनिया में रहता है और उसकी सोच तत्काल उस दिन के अनुभव को लेकर जाती है।

वह वास्तविकता को जीना सीखता है, उसे नई ऊंचाइयों में जाना संभव हो जाता है। वह अनंत संभावनाओं का चिंतन करता है।

सफलता अब बटोरे जाने वाले जोखिम होते हैं। वह मन का शांति करता है, ताकि वह अपने आप को संभवतः उच्चतम इंसान बनाने में मदद कर सके।

और फिर, एक दिन, न केवल आत्मत्राण, वह अपने पैरों के बल चलने की क्षमता हासिल करता है, बल्कि लोगों के बीच सफलता का संदेश भी बनता है।

आखिरी विदाई के बाद, उसने अपनी जिंदगी के उज्ज्वल सपनों को सीधा ताकत का रूप दिया। वह जानता है कि उच्चतर संभावनाओं का चिंतन करने से अधिक उचित कुछ नहीं हो सकता।

कागा जी

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