काक-वाणी के प्यारे पाठकों, इन दिनों सिनेमाघरों में जाओ तो कान के पर्दे फाड़ता बैकग्राउंड म्यूजिक और स्क्रीन पर खून की नदियां बहाते ‘अल्फा मेल’ ही नजर आते हैं। ‘एनिमल’ से लेकर ‘केजीएफ’ तक, हर तरफ हाइपरमैस्कुलिनिटी का बोलबाला है। लेकिन इस शोर-शराबे के बीच, हमारे चहेते अभिनेता सिद्धार्थ ने एक ऐसी बात कह दी है, जो सीधे दिल पर लगती है।
सिद्धार्थ का मानना है कि चाहे पर्दे पर दहाड़ने वाले हीरोज की बाढ़ आ जाए, लेकिन उनकी तरह की ‘सॉफ्ट और सेंसिटिव’ मर्दानगी की जगह सिनेमा में हमेशा सुरक्षित रहेगी। चलिए जानते हैं काक-वाणी के इस खास बुलेटिन में कि आखिर सिद्धार्थ के इस बयान के पीछे की सच्चाई क्या है।
सिनेमा में ‘हथौड़ा’ मार हीरोज के बीच सिद्धार्थ की ‘खामोश’ दस्तक
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जब सिद्धार्थ से पूछा गया कि आज के दौर में जहां ‘वायलेंट’ और आक्रामक किरदारों को पूजा जा रहा है, वहां वह खुद को कहां देखते हैं? इस पर सिद्धार्थ ने बेहद संजीदगी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हर दौर का अपना एक ट्रेंड होता है। आज हाइपरमैस्कुलिनिटी का दौर है, लोग इसे पसंद कर रहे हैं। लेकिन मेरी तरह की मर्दानगी—जो संवेदनशील है, जो महिलाओं का सम्मान करती है और जो रोने से नहीं डरती—उसकी जगह हमेशा रहेगी।”
सिद्धार्थ ने साफ किया कि दर्शकों को हर तरह का सिनेमा पसंद आता है। अगर आज लोग मार-धाड़ और गुस्सा देख रहे हैं, तो कल उन्हें एक प्यारी सी प्रेम कहानी या पारिवारिक ड्रामा भी चाहिए होगा। सिनेमा में हर भावना के लिए जगह खाली रहती है।
क्या सच में ‘अल्फा मेल’ से ऊब जाएंगे दर्शक?
काक-वाणी का मानना है कि सिद्धार्थ की बात में सौ फीसदी दम है। आखिर हर रोज कोई खून-खराबा करता नजर आए, तो दर्शक भी थक जाते हैं। सिद्धार्थ ने हमेशा अपनी फिल्मों जैसे ‘रंग दे बसंती’ या हालिया रिलीज ‘चिठ्ठा’ में ऐसे किरदार निभाए हैं, जो शारीरिक ताकत से ज्यादा मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होते हैं।
सिद्धार्थ का कहना है कि मर्दानगी का मतलब केवल दहाड़ना या बंदूकें चलाना नहीं है। एक पुरुष का संवेदनशील होना, अपनी कमजोरियों को स्वीकार करना भी असली मर्दानगी है। और भारतीय सिनेमा का इतिहास गवाह है कि जब-जब अति-हिंसा का दौर आया है, उसके तुरंत बाद एक शांत और संजीदा सिनेमा के दौर ने वापसी की है।
तो काक-वाणी के दोस्तों, आपको क्या लगता है? क्या आप भी स्क्रीन पर केवल ‘एंग्री यंग मैन’ देखना चाहते हैं या सिद्धार्थ जैसे ‘जेंटलमैन’ किरदारों को मिस कर रहे हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं!
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