हमारे देश में सत्य की खोज के लिए अब किसी जांच एजेंसी, वैज्ञानिकों या शोधकर्ताओं की जरूरत नहीं रह गई है। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के परम पूज्य कुलपतियों और स्वघोषित ज्ञानियों ने मिलकर ‘फैक्ट चेक’ का एक ऐसा स्वदेशी और क्रांतिकारी तरीका खोज निकाला है, जिसके सामने न्यूटन और आइंस्टीन भी पानी मांगें। इस नए फैक्ट चेक का मूल मंत्र बेहद सरल है—”अगर यह मैसेज सुंदर फॉन्ट में लिखा है और इसके साथ कुछ रोने-हंसने वाले इमोजी हैं, तो यह शत-प्रतिशत सच है।”
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के ‘परम सत्य’ की कसौटियां
आमतौर पर दुनिया के मूर्ख फैक्ट-चेकर्स प्रमाण, डेटा और रिसर्च पेपर ढूंढते हैं, लेकिन हमारे व्हाट्सएप वाले ‘फूफा जी’ और ‘सोसायटी वाले शर्मा जी’ के पास सत्य को परखने के अपने ही अनोखे मापदंड हैं।
इस अनोखे फैक्ट चेक का पहला नियम है: यदि किसी संदेश के ऊपर हल्के भूरे रंग में ‘Forwarded many times’ लिखा है, तो इसका सीधा मतलब है कि समाज के लाखों बुद्धिजीवियों ने इसे पहले ही प्रमाणित कर दिया है। इतनी भारी भीड़ भला कैसे झूठ बोल सकती है? दूसरा नियम: अगर मैसेज के अंत में ‘यूनेस्को द्वारा सर्वश्रेष्ठ घोषित’ या ‘नासा की ताजा रिपोर्ट’ लिखा हो, तो समझें कि वह ज्ञान सीधे ब्रह्मांड के केंद्र से उतरकर आपके इनबॉक्स में आया है। फिर चाहे उसमें फिटकरी के पानी से वाई-फाई की स्पीड बढ़ाने का दावा ही क्यों न किया गया हो!
फैक्ट चेक का अंतिम चरण: “नहीं भेजा तो अनर्थ होगा”
इस नई फैक्ट-चेक तकनीक का सबसे मजबूत और अकाट्य स्तंभ है ‘आध्यात्मिक ब्लैकमेलिंग’। यदि किसी मैसेज के अंत में लिखा है कि ‘इसे तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम तक शुभ समाचार मिलेगा, और डिलीट करने वाले का फोन ब्लास्ट हो जाएगा’, तो वह संदेश अपने आप में परम सत्य मान लिया जाता है। व्हाट्सएप के शोधकर्ताओं का मानना है कि जो मैसेज आपकी किस्मत बदलने या बिगाड़ने की ताकत रखता हो, उस पर शक करना साक्षात विधाता का अपमान करने जैसा है।
निष्कर्ष: बुद्धि को दें आराम, फॉरवर्ड पर रखें ध्यान
अतः, ‘काक-वाणी’ का स्पष्ट मत है कि अपने दिमाग को व्यर्थ का कष्ट न दें। तथ्यों की जांच करने वाली वेबसाइट्स असल में व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की लोकप्रियता और ज्ञान के इस महासागर से जलती हैं। अगली बार जब आपके पास कोई मैसेज आए कि ‘रात को तकिए के नीचे लहसुन रखकर सोने से सीधे मंगल ग्रह से संपर्क हो सकता है’, तो तर्क मत कीजिए। आंखें बंद करिए, ‘जय हो’ लिखिए और तुरंत अपने सभी 50 ग्रुप्स में फॉरवर्ड मारिए। क्योंकि सच तो वो है, जो हम मानना चाहते हैं!