‘सेक्रेड गेम्स’ फेम एलनाज़ नौरोज़ी क्यों परेशान हैं बॉलीवुड सेट्स से? बोलीं- ‘हॉलीवुड की तरह यहाँ सन्नाटा क्यों नहीं रहता!’

बॉलीवुड की रंगीन दुनिया बाहर से जितनी ग्लैमरस और शांत दिखती है, शूटिंग के दौरान कैमरे के पीछे का नजारा कभी-कभी उतना ही हंगामेदार होता है। इसी हलचल से थोड़ी असहज होकर अब अभिनेत्री एलनाज़ नौरोज़ी (Elnaaz Norouzi) ने एक बड़ा बयान दे दिया है। ‘सेक्रेड गेम्स’ में अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेर चुकीं एलनाज़ का मानना है कि भारतीय फिल्म सेट्स पर हॉलीवुड की तरह शांति और अनुशासन होना चाहिए।

‘सैंकड़ों लोग बस खड़े होकर घूरते रहते हैं!’

हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान एलनाज़ ने बॉलीवुड और हॉलीवुड के वर्क कल्चर के फर्क पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत में शूटिंग सेट्स पर अक्सर जरूरत से ज्यादा भीड़ होती है। जब कोई एक्टर किसी बेहद इमोशनल या गंभीर सीन की तैयारी कर रहा होता है, तब भी सेट पर सैंकड़ों लोग बिना किसी वजह के खड़े होकर आपको घूर रहे होते हैं। एलनाज़ के मुताबिक, हॉलीवुड में ऐसा माहौल बिल्कुल नहीं होता। वहाँ ‘पिन-ड्रॉप साइलेंस’ रहता है और सेट पर केवल वही लोग मौजूद होते हैं जिनका उस सीन से सीधा काम होता है।

हॉलीवुड का सन्नाटा बनाम बॉलीवुड का ‘मेला’

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एलनाज़ ने बताया कि वेस्टर्न सिनेमा में एक्टर्स की निजता और ध्यान केंद्रित करने (फोकस) का पूरा ध्यान रखा जाता है। दूसरी तरफ, हमारे यहाँ बॉलीवुड सेट्स पर माहौल अक्सर किसी ‘मेले’ जैसा होता है—कहीं चाय-समोसे की आवाजें आ रही होती हैं, तो कहीं क्रू मेंबर्स आपस में जोर-जोर से बातें कर रहे होते हैं। ऐसे में किसी भी कलाकार के लिए पूरी तरह से अपने किरदार में ढलना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

काक-वाणी का नज़रिया

देखा जाए तो एलनाज़ नौरोज़ी की इस सलाह में काफी दम है। भारत में सिनेमा बनाना सिर्फ काम नहीं, बल्कि एक उत्सव की तरह होता है जहाँ पूरी भीड़ शामिल होती है। लेकिन अगर थोड़ा सन्नाटा और कलाकारों को थोड़ी ‘पर्सनल स्पेस’ मिल जाए, तो शायद उनकी परफॉर्मेंस और भी निखर कर परदे पर आएगी। अब देखना यह होगा कि बॉलीवुड के मेकर्स एलनाज़ की इस ‘साइलेंस प्लीज’ वाली अपील पर कितना ध्यान देते हैं!


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कागा जी