व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया सत्यशोधक: जब चाचू बने फैक्ट-चेकर!

नमस्ते ज्ञानवीरों! व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के ‘काक-वाणी’ विभाग में आपका स्वागत है। हाल ही में हमारे इस महान विश्वविद्यालय ने एक नया ‘फैक्ट-चेक’ सेल खोला है। इसका मुख्य उद्देश्य इंटरनेट पर फैल रही उस खतरनाक बीमारी को रोकना है जिसे आम भाषा में ‘तथ्य’ या ‘लॉजिक’ कहते हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि लॉजिक से भावनाएं आहत होती हैं, इसलिए अब हर खबर की जांच हमारे परम पूजनीय ‘ग्रुप एडमिन’ और ‘फॉरवर्ड-वीर’ चाचाओं द्वारा की जाएगी।

यूनेस्को का नया ऐलान: भारत का रायता सबसे सर्वश्रेष्ठ

पिछले हफ्ते एक संदेश वायरल हुआ कि यूनेस्को (UNESCO) ने भारत के ‘बूंदी के रायते’ को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पेय घोषित किया है। जब कुछ सिरफिरे लोगों ने इस पर सवाल उठाए, तो हमारे व्हाट्सएप फैक्ट-चेकर टीम ने तुरंत इसकी जांच की। जांच का तरीका बेहद वैज्ञानिक था। शर्मा जी ने वर्मा जी को फोन किया और पूछा, “वर्मा, तुमने भी ये मैसेज देखा?” वर्मा जी ने कहा, “हां, मुझे भी तीन ग्रुप से आया है।” बस! जब एक ही बात तीन अलग-अलग ग्रुप से आ जाए, तो उसे सीधे परम सत्य मान लिया जाता है। यूनेस्को के महानिदेशक को मेल लिखने की भला क्या जरूरत है?

नासा का नया खुलासा: व्हाट्सएप चलाने से आंखें तेज होती हैं

दूसरा बड़ा फैक्ट-चेक उस वायरल दावे पर हुआ जिसमें कहा गया था कि नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया है कि सुबह-सुबह बिना ब्रश किए 10 व्हाट्सएप फॉरवर्ड पढ़ने से आंखों की रोशनी तेज होती है। हमारे व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि नासा के पास और कोई काम तो है नहीं, वे चौबीसों घंटे हमारे पारिवारिक ग्रुप्स पर नजर रखते हैं। इस खबर को ‘शत-प्रतिशत प्रामाणिक’ घोषित किया गया है। इसके पीछे का तर्क यह है कि ‘अगर यह झूठ होता, तो इस पर उगते हुए सूरज और गुलाब के फूल की तस्वीर क्यों लगी होती?’ तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोलतीं!

फॉरवर्ड न करने पर 7 साल की बदकिस्मती!

सबसे गंभीर फैक्ट-चेक उस मैसेज पर हुआ जिसमें दावा किया गया था कि ‘इस संदेश को 11 लोगों को भेजें, शाम तक कोई खुशखबरी मिलेगी, वरना फोन पानी में गिर जाएगा।’ हमारे एडमिन पैनल ने इसकी गहन जांच की। गुप्ता जी ने इसे फॉरवर्ड नहीं किया और उसी शाम उनके पैर पर टेबल का कोना लग गया। इससे यह साबित होता है कि यह संदेश 100% वैज्ञानिक और सत्य है।

तो प्रिय पाठकों, अगली बार जब आपके पास कोई ऐसी खबर आए जो बुद्धि को पच न रही हो, तो अपनी बुद्धि का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। उसे तुरंत फॉरवर्ड करें, क्योंकि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नियम स्पष्ट है: ‘जो फॉरवर्ड हो रहा है, वही सच है; बाकी सब मोह-माया है।’

कागा जी