सिनेमा प्रेमियों, क्या आप जानते हैं कि जिस बॉलीवुड की फिल्मों पर आज आप थिएटर में सीटियां बजाते हैं, उसका जन्म कैसे हुआ था? हाल ही में प्रसिद्ध एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटानिका ने ‘भारतीय फिल्म उद्योग के इतिहास’ पर एक बेहद दिलचस्प लेख साझा किया है। चलिए, आज ‘काक-वाणी’ के इस खास कड़क सेगमेंट में हम आपको बॉलीवुड के उसी सुनहरे, संगीतमय और मसालेदार सफर की सैर पर ले चलते हैं!
मूक फिल्मों का वो दौर और दादा साहब का जादू
बॉलीवुड इतिहास की कहानी शुरू होती है साल 1913 से, जब भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहब फाल्के ने देश की पहली मूक (साइलेंट) फीचर फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ बनाई थी। उस दौर में न तो आवाज थी और न ही रंग, लेकिन पर्दे पर चलती-फिरती तस्वीरें देखकर लोग दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो गए थे। इसके बाद साल 1931 में आई आर्देशिर ईरानी की फिल्म ‘आलम आरा’, जिसने भारतीय सिनेमा को अपनी पहली ‘आवाज’ और पहला गाना दिया। इसके बाद तो जैसे देश में थिएटर्स के बाहर लंबी कतारें लगना आम बात हो गई।
बॉम्बे और हॉलीवुड का तड़का: कैसे पड़ा ‘बॉलीवुड’ नाम?
क्या आपको पता है कि ‘बॉलीवुड’ शब्द आधिकारिक रूप से बहुत बाद में आया? 1970 के दशक में, जब भारतीय सिनेमा ने पश्चिम के ‘हॉलीवुड’ की तर्ज पर दुनिया भर में अपनी पहचान बनानी शुरू की, तब ‘बॉम्बे’ (अब मुंबई) और ‘हॉलीवुड’ को मिलाकर यह मजेदार नाम गढ़ा गया। भले ही कुछ लोग इसे हॉलीवुड की नकल कहें, लेकिन हमारी फिल्मों का ‘मसाला’ स्टाइल, जिसमें एक्शन, ड्रामा, रोमांस और ढेर सारे गाने एक साथ मिलते हैं, पूरी तरह से ओरिजिनल और अनोखा है।
शोमैन से लेकर ‘किंग खान’ के ग्लोबल राज तक
1950 और 60 के दशक को भारतीय सिनेमा का ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता है। राज कपूर, गुरु दत्त और दिलीप कुमार जैसे दिग्गजों ने सिनेमा को कलात्मक ऊंचाइयों पर पहुंचाया। राज कपूर की फिल्में तो रूस और चीन जैसे देशों में भी धूम मचा रही थीं। इसके बाद अमिताभ बच्चन का ‘एंग्री यंग मैन’ अवतार आया और फिर 90 के दशक में शाहरुख, सलमान और आमिर खान की तिकड़ी ने रोमांस और कमर्शियल सिनेमा की परिभाषा ही बदल दी। आज ‘दंगल’ और ‘जवान’ जैसी फिल्में चीन से लेकर अमेरिका तक करोड़ों का बिजनेस कर रही हैं।
तो दोस्तों, अगली बार जब आप थियेटर में पॉपकॉर्न खाते हुए किसी फिल्म का मजा लें, तो याद रखिएगा कि इस ढाई घंटे के मनोरंजन के पीछे 110 साल का एक शानदार और संघर्षमयी इतिहास छुपा है। बॉलीवुड की ऐसी ही चटपटी और ज्ञानवर्धक खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे यानी ‘काक-वाणी’ के साथ!
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