ब्रेकिंग: वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी ने लॉन्च किया अपना ‘फैक्ट चेक’, अब फॉरवर्ड संदेशों को मिलेगा ‘नासा प्रमाणित’ टैग!

सोशल मीडिया और वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी के सम्मानित कुलपतियों, प्रोफेसरों और ‘गुड मॉर्निंग’ संदेश भेजने वाले उत्साही अध्यापकों के लिए एक महान खुशखबरी आई है। वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी ने अंततः अपना नया ‘फैक्ट चेक’ विभाग चालू कर दिया है। अब तक जो ज्ञान केवल ‘भरोसा रख, सच ही होगा’ के सिद्धांत पर चलता था, उसे अब बाकायदा डिजिटल मुहर दी जाएगी।

नासा और यूनेस्को का ‘अंतिम अप्रूवल’

इस नए फैक्ट चेक सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी भी फर्जी खबर को चुटकी बजाते ही ‘शत-प्रतिशत सत्य’ घोषित कर देता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी संदेश में लिखा है कि “रात को हल्दी वाला दूध पीकर मंगल ग्रह की ओर देखने से आंख का चश्मा हट जाता है”, तो नया फैक्ट चेक तुरंत इस पर ‘नासा द्वारा स्वीकृत’ का ठप्पा लगा देगा।

यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ शोधकर्ता (जो रोजाना सुबह 5 बजे 50 समूहों में सुविचार भेजते हैं) ने बताया, “पुराने फैक्ट चेकर बहुत नकारात्मक थे। वे हर बात का सबूत मांगते थे। हमारा नया सिस्टम सकारात्मकता पर काम करता है। अगर कोई संदेश पढ़ने में देशभक्ति से भरा या चमत्कारी लग रहा है, तो सबूत की जरूरत ही क्या है?”

10 लोगों को भेजो, वरना… वाला नया लॉजिक

नए फैक्ट चेक ने उस सदियों पुराने वायरल नियम को भी वैज्ञानिक मान्यता दे दी है, जिसमें कहा जाता था कि “इस मैसेज को 10 लोगों को भेजें, शाम तक खुशखबरी मिलेगी।” फैक्ट चेक विभाग का दावा है कि जिसने भी इस मैसेज को नजरअंदाज किया, उसकी चाय में बिस्कुट डूब गया या उसका फोन का डेटा खत्म हो गया। इसलिए, यह नियम अब पूरी तरह से ‘वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित’ है।

‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ ही असली सत्य

फैक्ट चेक प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। संदेश जितना ज्यादा फॉरवर्ड होगा (फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स), उसकी सत्यता उतनी ही बढ़ती जाएगी। अगर संदेश के अंत में ‘जय हिंद’ या ‘शेयर न करने वाला भारतीय नहीं’ लिखा हो, तो फैक्ट चेक एल्गोरिदम उसे बिना जांचे ही ‘परम सत्य’ की श्रेणी में डाल देता है।

अंत में, ‘काक-वाणी’ अपने पाठकों से अपील करती है कि इस लेख को तुरंत 11 वॉट्सऐप समूहों में फॉरवर्ड करें। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका फोन अगले 24 घंटों के लिए केवल ‘गुड मॉर्निंग’ के फूलों वाले फोटो ही डाउनलोड करेगा। सतर्क रहें, और बिना पढ़े फॉरवर्ड करते रहें!

कागा जी