मिट्टी की महक और उम्मीद का दीया

एक छोटा सा गांव और टूटती उम्मीदें रामपुर गांव के एक कोने में रामू नाम का एक वृद्ध कुम्हार रहता था। वह मिट्टी के बहुत सुंदर बर्तन और दीये बनाता था। लेकिन बदलते समय के साथ, आधुनिक मशीनी लाइटों और… Continue Reading →

तापसी पन्नू का फूटा गुस्सा! बोलीं- ‘सिनेमा में लड़कियों को वस्तु समझना बंद करो, अब दर्शक ही बचाएं!’

बॉलीवुड की ‘फायरब्रांड’ गर्ल तापसी पन्नू एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी दमदार एक्टिंग और हाजिरजवाबी के लिए मशहूर तापसी ने इस बार किसी फिल्म या को-स्टार पर नहीं, बल्कि सीधे दर्शकों और सिनेमा… Continue Reading →

तापसी पन्नू का दर्शकों को कड़ा संदेश: आइटम नंबर्स पर सीटियां बजाना बंद करो, तभी बदलेगा सिनेमा!

बॉलीवुड की ‘बेबाक बेगम’ यानी हमारी अपनी तापसी पन्नू एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी दमदार एक्टिंग और हाजिरजवाबी के लिए मशहूर तापसी ने इस बार एक बेहद गंभीर मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की है। मुद्दा है फिल्मों… Continue Reading →

रामचंद्र गुहा का ऐतिहासिक खुलासा: 120 सालों से सिर्फ राजनीति बदलने के लिए ही तो फेल हो रहे हैं भारतीय छात्र!

मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने एक बार फिर अपने ज्ञान के झोले से एक चमचमाता हुआ सच निकाला है। उन्होंने अपने ताजा ज्ञान-प्रवचन में फरमाया है कि पिछले 120 वर्षों से भारतीय छात्र देश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन को… Continue Reading →

खाली हाथ और मिट्टी का घड़ा: जीवन का सच बताने वाली लोककथा

सत्य की खोज में राजा की यात्रा बहुत समय पहले की बात है, सोनपुर साम्राज्य पर राजा वीरभद्र का शासन था। उनके पास धन, संपत्ति, वैभव और अपार शक्ति थी, लेकिन उनके मन में कभी शांति नहीं थी। वे हर… Continue Reading →

तापसी पन्नू की खरी-खरी: सिनेमा में महिलाओं को ‘आइटम’ बनाना बंद करना है, तो पहले खुद सुधरो!

बॉलीवुड की ‘नो-फिल्टर’ क्वीन Taapsee Pannu एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने किसी फिल्म निर्माता या अपने को-स्टार पर निशाना नहीं साधा है, बल्कि सीधे उंगली उठाई है हम और आप जैसे… Continue Reading →

मनोरंजन का महाधमाका: 7 से 13 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली 5 धांसू फिल्में और OTT सीरीज!

हैलो सिनेमा प्रेमियों! स्वागत है आपका आपके पसंदीदा ठिकाने ‘काक-वाणी’ पर। अगर आप भी हर वीकेंड पर ‘क्या देखें और क्या न देखें’ की उलझन में रहते हैं, तो अपनी कुर्सी की पेटी बांध लीजिए। 7 से 13 सितंबर 2026… Continue Reading →

टूटे पत्थरों की अनकही दास्तान

निराशा के अंधेरे में एक किरण कबीर गाँव के नदी किनारे चुपचाप बैठा रो रहा था। वह शहर से अपनी नौकरी और उम्मीदें खोकर लौटा था। लगातार असफलताओं और लोगों के तानों ने उसके आत्मसम्मान को पूरी तरह तोड़ दिया… Continue Reading →

रामचंद्र गुहा का नया ज्ञान: 120 साल की ‘छात्र क्रांति’ और कैंटीन का उधारी खाता

हमारे देश के परम आदरणीय, ज्ञान के जीते-जागते एनसाइक्लोपीडिया और इतिहास के स्वघोषित ठेकेदार रामचंद्र गुहा जी ने एक बार फिर अपने ज्ञान की गंगा बहाई है। स्क्रॉल.इन (Scroll.in) पर अपने ताजा महाप्रवचन में उन्होंने फरमाया है कि पिछले 120… Continue Reading →

तिग्मांशु धूलिया का बड़ा बयान: हिंदी सिनेमा है वो ‘फेविकोल’ जिसने पूरे देश को जोड़ रखा है!

बॉलीवुड में अपनी संजीदा और दमदार फिल्मों के लिए मशहूर डायरेक्टर तिग्मांशु धूलिया ने हाल ही में एक ऐसी बात कह दी है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। ‘काक-वाणी’ की चौपाल पर आज इसी मुद्दे पर… Continue Reading →